गुलाबी आभा वाले विश्वनाथ धाम परिसर को जिस तरह से विकसित किया गया है वह अपने आप में अद्भुत है|
काशी विश्वनाथ धाम ने यहां तक पहुंचने में कई पड़ाव तय किए| मुगल आक्रांताओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर को काफी नुकसान पहुंचाया था|

आज काशी विश्वनाथ धाम अपने भव्य स्वरूप में स्थापित होकर अपनी गौरव गाथा के शिखर पर है|
दिव्य काशी अब भव्य काशी बन चुकी है| 250 साल बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण के कार्य ने विश्व पटल पर चर्चा पायी है| वेद नगरी काशी का सनातन परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान है|
ये अवसर ठीक उसी तरह का है जैसे भागीरथ ने अपनी तपस्या से धरती पर गंगा को अवतरित किया था| ये उसी तरह का है जैसे विवेकानंद ने शिकागो में धर्म संसद में अपने उद्बोधन से भारतीय सनातन धर्म की पताका को लहराया था| यह ठीक उसी तरह का है जब अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण शुरू हुआ था|
16000 साल पहले भारतीय हिंदू भारतीय सनातन हिंदू संस्कृति के इस युग की शुरुआत हुई थी|

आज से 15923 साल पहले भगवान नीलबराहने अवतार लिया यह वह क्षण था जब भगवान वराह ने धरती से जल को हटाया और उसे इंसानों के रहने लायक बनाया| यह हिंदू धर्म के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण क्षण था|
भारत में सभ्यता की शुरुआत यहीं से मानी जाती है|
14000 साल पहले भगवान ब्रह्मा के कुल की शुरुआत हुई| यह भी इतिहास में हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण काल था| ब्रह्मा के अनेक पुत्र थे ब्रह्मा को प्रजातियों की उत्पत्ति का श्रेय जाता है|
11000 साल पहले स्वयंभू मनु इस धरती पर अवतरित हुए|
9000 साल पहले सम्राट ययाति का काल महत्वपूर्ण था| उनके पांच पुत्रों ने राजवंशों की स्थापना की|
8000 साल पहले वैवस्वत मनु हुए| मनु के काल में जल प्रलय हुआ|

7000 साल पहले भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ|
5000 साल पहले भगवान श्रीकृष्ण अवतरित हुए|
2850 साल पहले भगवान पार्श्वनाथ ने इस धरती पर अवतरण लिया|
भारत में शांति और समृद्धि की वृद्धि हुई|
2650 साल पहले महावीर स्वामी का जन्म हुआ|
2300 साल पहले आचार्य चाणक्य ने लोगों को व्यवहारिक जीवन की शिक्षा दी|
2100 साल पहले सम्राट विक्रमादित्य हुए| उनके काल में हिंदू धर्म ने महान ऊंचाइयों को प्राप्त किया|
1650 में चंद्रगुप्त द्वितीय हुए|
1400 साल पहले सम्राट हर्षवर्धन हुए| सम्राट हर्षवर्धन ने अरब पर भी चढ़ाई कर दी थी |
1200 साल पहले आदि शंकराचार्य ने हिंदू धर्म को पुनर्गठित किया|
1100 साल पहले गुरु गोरक्षनाथ ने यौगिक शिक्षा की शुरुआत की| उन्होंने पूरे विश्व में योग दर्शन की शिक्षा दी|
1000 साल पहले हिंदुओं की रक्षा के लिए वरुण देव ने झूलेलाल के रूप में अवतार लिया|
650 साल पहले बाबा रामदेव का जन्म हुआ|
500 साल पहले गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ| उन्होंने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सिख धर्म की स्थापना की|
नरेन्द्र मोदी का नाम भी सनातन धर्म के उत्थान में इसी तरह लिया जायेगा| काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण भी एक ऐसी ही घटना है जो इसी तरह से याद रखी जाएगी| अपने उत्थान से लेकर आज तक सनातन हिंदू धर्म ने अपना स्वर्णिम काल देखा तो आक्रांताओं के कारण इसने अनेक चुनौतियों का सामना किया|
कई बार समाज में कुछ कुरीतियों ने स्थान बनाया लेकिन इन कुरीतियों को दूर करने के लिए राजा राममोहन राय, स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद ने अस्पृश्यता, सती प्रथा जैसी कुरीतियों को दूर करने में अहम कदम उठाए|
सनातन हिंदू धर्म के इतिहास में काला अध्याय था जब भगवान राम के मंदिर को तोड़कर मस्जिद बना दी गयी| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ|
काशी विश्वनाथ धाम भी मुगलों की कुदृष्टि का शिकार हुआ| शिव मंदिर को नुकसान हुआ| कई विवाद हुए लेकिन आज यह काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के साथ इस कलंक से मुक्त हो चुका है| मुगलों की छाया से मुक्त काशी विश्वनाथ धाम का नया स्वरूप देखने लायक है|
विश्वनाथ धाम प्रोजेक्ट का शिलान्यास 8 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री मोदी ने किया था| 50000 वर्ग फीट में विश्वनाथ धाम बनकर तैयार हो गया है| अब मंदिर जाने के लिए ना तो तंग गलियों से गुजरना होगा ना ही गंदगी का नामोनिशान होगा|
काशी विश्वनाथ धाम का घाट अब बाढ़ से सुरक्षित रहेगा| यह घाट इको फ्रेंडली होगा|
काशी विश्वनाथ धाम में 27 मंदिरों की एक खास मणिमाला भी तैयार की गई है| पौराणिक आध्यात्मिक नगरी काशी विश्वनाथ धाम में मुमुक्षु भवन, यात्री सुविधा केंद्र, वैदिक केंद्र, गंगा व्यू गैलरी, भोग शाला, फूड कोर्ट सेंटर, सुरक्षा केंद्र और मंदिर चौक सहित 19 भवन यात्री सुविधाओं के लिए तैयार किए गए हैं|
खिड़कियां घाट पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए 2 हेलीपैड होंगे| यह काशी का ऐसा पहला घाट होगा जिसकी कनेक्टिविटी जल थल और नभ तीनों से होगी| खिड़किया घाट के मुक्ताकाश मंच पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा|
गंगा तट पर बसी काशी बहुत पुरानी नगरी है|
वाराणसी का मूल नगर काशी था| काशी की स्थापना 5000 साल पहले की गयी थी| यह हिंदुओं की सप्तपुरियों में से एक है|
द्वारकाधीश के राज्य में पैदा हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी काशी विश्वनाथ के भव्य स्वरूप के कर्णधार बने हैं| कुछ साल पहले किसी ने नहीं सोचा था कि कि काशी विश्वनाथ धाम का कायाकल्प होने जा रहा है|
ईश्वर की प्रेरणा और प्रबल इच्छा शक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बनारस तक पहुंचाया| वह गंगा की शरण में पहुंचे और फिर से भागीरथ बन कर गंगा किनारे स्थित काशी विश्वनाथ धाम के पुनरुद्धार के पुरोधा बने|