भोपाल: प्रदेश में देशी शराब के भण्डारण में अब वेस्टेज जिसे छीजन या टूट-फूट भी कहा जाता है, बेक डेट यानि पिछली तारीख से नहीं दिया जायेगा। भण्डारण के ये गोदाम शासकीय होते हैं तथा गोदाम प्रभारी को इसके लिये राज्य सरकार ने राहत प्रदान की है।
दरअसल राज्य सरकार ने गत सात सितम्बर को तय किया था कि भण्डारण यानि गोदाम में देशी शराब की कांच की बोतलों पर वेस्टेज प्रति हजार बोतल पर एक बोतल तथा पेट (प्लास्टिक) की बोतलों पर प्रति दो हजार बोतलों पर एक बोतल मंजूर किया जायेगा। यह प्रावधान बेक डेट यानि 1 अप्रैल 2021 से लागू किया गया था। जबकि 1 अप्रैल 2017 से यह वेस्टेज प्रति हजार कांच की बोतलों पर ढाई बोतल तथा प्रति हजार पेट की बोतलों पर वेस्टेज एक बोतल था। अचानक वेस्टेज घटाये जाने और उसे बेक डेट से लागू करने पर गोदाम प्रभारी को वेस्टेज का घाटा हो रहा था और उसको हिसाब-किताब निर्धारित करने में दिक्कतें आ रही थीं। इसीलिये अब राज्य सरकार ने तय किया है कि वेस्टेज कम करने का प्रावधान करंट डेट यानि 7 सितम्बर 2021 से लागू किया जायेगा न कि बेक डेट से।