नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अध्यक्ष मोहन भागवत ने कहा है, ''हमें किसी का धर्म परिवर्तन करने की नहीं बल्कि उन्हें जीने का तरीका सिखाने की जरूरत है. हम पूरी दुनिया को यह समझ देने के लिए भारत भूमि में पैदा हुए हैं. हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हम पूजा करने के तरीके को बदले बिना एक अच्छा इंसान बनाएं.' शुक्रवार को घोष शिबिर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस अध्यक्ष ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनने के लिए समन्वित तरीके से आगे बढ़ने की जरूरत है.
Anyone trying to disturb the tune will be fixed by the rhythm of the country. Need is to move forward together with coordination in order to make India a Vishwa guru: RSS chief Mohan Bhagwat further added while addressing an event in Chhattisgarh on Friday. pic.twitter.com/vCH9P4y3hu
— ANI (@ANI) November 19, 2021
भागवत ने कहा, "हम भारत को बेहतर बनाना चाहते हैं." अगर कोई अपने सिस्टम को बर्बाद करने की कोशिश करता है तो यह अच्छी बात नहीं है. ऐसे में क्या करना है, यह देश तय करेगा. भारत को विश्व नेता बनाने के लिए हमें समन्वय से आगे बढ़ने की जरूरत है.'
भागवत ने कहा, पूरी दुनिया एक परिवार है. हम वही हैं जो मानते हैं कि पूरी दुनिया हमारा परिवार है. यह सच्चाई हमें अपने कर्मों से दुनिया को दिखानी है. दुनिया में सद्गुणों का विकास कैसे होता है, यह सभी को समझने की जरूरत है.'
मोहन भागवत ने कहा, "जाति, पंथ, भाषा की विविधता के बावजूद हम सद्भाव में रहना सिखाते हैं, जो हर किसी को अपना मानते हैं, किसी को अलगनहीं मानते हैं, उन्हें भी नहीं मानते हैं जो खुद पर विश्वास नहीं करते हैं. यही हमारा धर्म है." यह लोगों को जीना सिखाता है. जो खोया हुआ व्यावहारिक संतुलन वापस देता है.