मध्य प्रदेश सरकार ने आखिरकार भोपाल और इंदौर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू कर दिया| इस सिस्टम में दो-दो डीआईजी और 8,8 एसपी लेवल के अफसर शामिल रहेंगे|

इंदौर और भोपाल में एडीजी स्तर के अफसरों को कमिश्नर बनाया जाएगा|
भोपाल में 38 और इंदौर में 36 थाने पुलिस कमिश्नर सिस्टम के दायरे में आएंगे|
नई पुलिस व्यवस्था में कमिश्नर के मातहत “एसीपी” डीआईजी स्तर के अधिकारी होंगे|
इसके बाद दोनों शहरों में 8,8 एसपी स्तर के अफसर भी रहेंगे|
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए सिस्टम के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी थी इसके बाद विधि विभाग ने अंतिम परीक्षण किया और फिर इसे फाइनल कर दिया गया|
जल्द ही पुलिस कमिश्नर और अन्य अफसरों की पोस्टिंग के आदेश भी जारी कर दिए जाएंगे|
इस सिस्टम को लागू करने की कवायद 40 साल से चल रही थी| 6 बार इसके प्रयास हुए और इस बार यह लागू कर दिया गया|
1981 में इस सिस्टम को लागू करने की पहली बार पहल की गई थी|
1981 में अर्जुन सिंह कैबिनेट ने 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले 4 शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव मंजूर किया था| लेकिन यह लागू नहीं हो सका|
दिग्विजय सिंह सरकार ने 1997 में सिस्टम को लागू करने के लिए एक कमेटी बनाई लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई| साल 2000 में दिग्विजय सिंह की सरकार ने दूसरी बार इस सिस्टम को लागू करने पर मंथन किया, प्रस्ताव तैयार किया गया लेकिन राज्यपाल डॉ भाई महावीर ने इस सिस्टम को अनुमति नहीं दी|
2012 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहली बार Bhopal Indore में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने की घोषणा की थी|
2018 में फिर इसका प्रस्ताव तैयार हुआ लेकिन कैबिनेट में प्रस्तुत नहीं किया जा सका|
9 दिसंबर 2021 को आखिरकार भोपाल और इंदौर में कमिश्नर सिस्टम लागू हो गया|



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