भोपाल: प्रदेश के नगर वासियों को मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, जल-मल निकासी, स्वच्छता, सडक़ प्रकाश व्यवस्था आदि के संचालन-संधारण में विद्युत देयकों के भुगतान पर नगरीय निकायों को कुल आय का लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक व्यय करना पड़ रहा है। विद्युत की खपत में वृध्दि के कारण नगरीय निकायों के बिजली बिलों में बढ़ौत्तरी हो रही है। इसलिये अब नगरीय निकायों की विद्युत व्यवस्था हेतु 220 मेगावाट का अर्बन केप्टिव सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जायेगा। 

इस पर 1320 करोड़ रुपयों का व्यय भार आयेगा जिसमें नगरीय निकायों की संयुक्त इक्विटी लगभग 119 करोड़ रुपये होगी जोकि राज्य शासन द्वारा नगरीय निकायों को दिये जाने वाले अनुदान एवं सामूहिक म्यूनिसिपल बॉण्ड के विक्रय से जुटाई जायेगी। नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत एस भोडवे ने अपने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों/उप संचालकों को पत्र जारी कर कहा है कि वे उनके क्षेत्रधीन नगरीय निकायों द्वारा हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय अनुबंध एक माह की अवधि में उपलब्ध करायें।