Mandsaur: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के एक किसान का वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, किसान शंकरलाल पाटीदार अपनी जमीन वापस पाने के लिए कलेक्टर कार्यालय में 25 बार जनसुनवाई में आवेदन दे चुके थे, लेकिन जब उनकी सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने कलेक्टर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए अनोखा तरीका अपनाया।

वह ज़मीन पर लगभग लुढ़कते हुए जनसुनवाई में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। इसके बाद उन्होंने दोबारा कलेक्टर को आवेदन दिया। किसान के इस कदम से कलेक्टर कार्यालय में हड़कंप मच गया।

किसान शंकरलाल पाटीदार का कहना है कि उनके पास सुरखेड़ा में करीब 1.76 यानी नौ बीघे जमीन है। कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ बाबू नारायण देशमुख के बेटे अश्विन देशमुख ने यह जमीन अपने नाम कराई है। वह अपनी जमीन वापस पाने के लिए 14 साल से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोई उनका साथ नहीं दे रहा।

किसान का यह भी कहना है कि देशमुख आए दिन गुंडे-बदमाशों से उसकी जमीन पर कब्जा कराना चाहते हैं। इस दौरान कई विवाद भी खड़े हुए। किसान ने आत्महत्या करने की भी आशंका जताई।

किसान शंकर लाल का आरोप है कि बाबू देशमुख की वजह से उनकी बात नहीं सुनी जा रही। जब किसान अपना आवेदन देने के लिए लोट लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय जा रहे थे, तो वे जोर-जोर से ये भी कह रहे थे, कि हमारी कोई नहीं सुन रहा है, हमारी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।

सीतामल तहसीलदार मनोहर लाल वर्मा का कहना है कि फिलहाल शंकर लाल की जमीन पर माफिया द्वारा कब्जा करने की कोई घटना सामने नहीं आई है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। मामला जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ है। अश्विन देशमुख ने 2010 में ये ज़मीन खरीदी थी।