अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। राम मंदिर के निर्माण पर 1800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि 'जब मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो अनुमान लगाया गया था कि इसमें करीब 400 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं, लेकिन मंदिर के भव्य रूप को देखते हुए इसमें अब करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं'।

महासचिव राय के अनुसार, 'राम मंदिर निर्माण की अनुमानित लागत में अभी भी सुधार किया जा सकता है'। गौरतलब है कि रविवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई थी। ट्रस्ट के महासचिव राय ने कहा कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि हिंदू धर्म से जुड़े महान विभूतियों और संतों की प्रतिमाओं को भी रामजन्मभूमि परिसर में रखा जाएगा।

बता दें कि राम जन्मभूमि परिसर में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसके दिसंबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाने का अनुमान है। साथ ही मंदिर में जनवरी 2024 (मकर संक्राति) तक भगवान राम लला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा हो जाने की संभावना है।

सुरक्षा के होंगे विशेष इंतजाम-

इस बीच राम मंदिर की सुरक्षा CISF को सौंपे जाने की भी चर्चा है। इसके लिए केंद्रीय बल के अधिकारियों और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मिलकर बैठकें भी की हैं। वर्तमान में मंदिर का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। गर्भगृह के दिसंबर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। मंदिर निर्माण कार्य की रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी।

इस साल जून में, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर के गर्भगृह के निर्माण की आधारशिला रखी थी। अयोध्या में भगवान राम मंदिर का निर्माण कार्य जोरों पर चल रहा है। 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी और तब से मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है।