इस साल जम्मू-कशमीर में अब तक रिकॉर्ड 1.62 करोड़ पर्यटक पहुंच चुके हैं। देश के आजाद होने के बाद से ये यहां आने वाले पर्यटकों की सबसे बड़ी संख्या है। जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग का कहना है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक वादी का लुत्फ़ उठाने पहुंच रहे हैं।

पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर में पर्यटन के स्वर्ण युग को दर्शाते हैं। अधिकारियों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन घाटी के लोगों के लिए आय का प्रमुख श्रोत है। साल की शुरुआत से लेकर अब तक यहां रिकॉर्ड 1.62 करोड़ पर्यटक आ चुके हैं, जो आजादी के बाद अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। घाटी में इतनी तादाद में पर्यटकों के आने ये पुंछ, राजौरी समेत जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

एक बयान के मुताबिक, केंद्र सरकार के आजादी का अमृत महोत्सव अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर में पर्यटन के लिए 75 स्पोट्सक की पहचान की गई है। साल के पहले आठ महीनों में ही 20.5 लाख पर्यटक कश्मीर गए, जिनमें से 3.65 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए अमरनाथ गुफा पहुंचे थे। इस बीच पहलगाम से लेकर  गुलमर्ग और सोनमर्ग तक और श्रीनगर के सभी होटल्स और गेस्टहाउस भी सैलानियों से खचाखच भरे रहे थे।

घाटी में पर्यटकों के पहुंचने से ये फिर ,से गुलज़ार होने लगी है। लोगों में सीमा पार से आतंक को लेकर दहशत भी कम हो गई है। यही कारण है, कि धारा 370 हटाए जाने के बाद यहां के पर्यटन उद्योग को एक नई दिशा मिली है। घाटी में सैलानियों के पहुंचने से वादी में फिर से रौनक लौट आई है।