भोपाल: अपराध की दुनिया में शामिल होने की सजा काट रहे केंद्रीय जेल के कैदी खुली हवा में सांस लेने के साथ-साथ कमाई भी करने लगे हैं। इसकी शुरुआत श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से हो चुकी है। ये कैदी पेट्रोल पंप पर आम कर्मचारियों की तरह लोगों के वाहनों में पेट्रोल भरते हैं। बदले में मेहनताना मिलता है जो जेल से रिहा होने के बाद गृहस्थी चलाने में मदद करेगा |
असल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन सोमवार को केंद्रीय जेल गए थे। यहां उन्होंने उक्त पेट्रोल पंप का शुभारंभ किया। यह पेट्रोल पंप जेल के नजदीक शुरू किया है। इसमें काम करने वाले सभी कैदी है। मुख्यमंत्री ने इसके अलावा जेल में कर्मचारियों के बच्चों और उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। अन्य जिलों के लिए नई सुविधाओं का भूमि पूजन व लोकार्पण किया।
केंद्रीय जेल में बनेगी कर बैरक..
केंद्रीय जेल भोपाल में चार नई बैरिक बनेगी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को इनके कामों का भूमिपूजन किया। जिन चार बैरिकों के कामों का भूमिपूजन किया है उनकी क्षमता 80 बंदियों को रखने की होगी। इनका निर्माण तीन करोड़ रुपए से होगा।
प्रदेश की चार जिलों में बढ़ी सुविधा..
प्रदेश की चार जिलों में कैदियों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया है मुख्यमंत्री ने सोमवार इन सुविधाओं का केंद्रीय जेल भोपाल से वर्चुअल लोकार्पण भी कर दिया है। उज्जैन की उप जेल तराना में आउटरवाल सहित नवनिर्मित बैरिक, केंद्रीय जेल नर्मदापुरम और उप जेल डबरा में वॉच टावर और केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में बेकरी यूनिट का लोकार्पण किया है।