तिहाड़ जेल में सजा काट रहे दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन जिस शख्स से मसाज करवा रहे थे वो फिजियोथेरेपिस्ट नहीं बल्कि रेपिस्ट है। पिछले दिनों जेल से मंत्री के मसाज का वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने आम आदमी पार्टी (AAP) और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाए थे। जिसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सफाई देते हुए कहा था, कि जैन की तबीयत खराब है और उन्हें फिजियोथेरेपी दी जा रही है।
तिहाड़ में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से पता चला है, कि दरअसल जैन की मालिश करने वाले व्यक्ति पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे सालभर पहले गिरफ्तार किया गया था। वह फिजियोथेरेपिस्ट नहीं बल्कि रेपिस्ट है।
इस खबर के सामने आने के बाद बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया है उन्होंने लिखा- अच्छा, वह फिजियोथेरेपिस्ट नहीं थे। सत्येंद्र जैन का मसाज करने वाला था रेपिस्ट। चौंका देने वाला। केजरीवाल को जवाब देना चाहिए कि उन्होंने सत्येंद्र जैन का बचाव क्यों किया और फिजियोथेरेपिस्ट का अपमान क्यों किया।
आपको बता दें, कि तीन दिन पहले शहजाद पूनावाला ने कुछ वीडियो शेयर किए थे, जिसमें सत्येंद्र जैन जेल में मसाज करवाते दिख रहे थे। इन वीडियोज के सामने आने के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तुरंत सत्येंद्र जैन का बचाव करते हुए कहा था कि जैन बीमार थे और डॉक्टरों की सलाह पर फिजियोथैरेपी करा रहे थे। उन्होंने ये सवाल भी किया था कि तिहाड़ के वीडियो कैसे लीक हुए और भाजपा तक कैसे पहुंचे। साथ ही कहा कि जैन की बीमारी का मजाक उड़ाना शर्मनाक है।
सिसोदिया के बयान का इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट ने विरोध किया था। एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा, "एक प्रोफेसर के तौर पर मैं कह सकता हूं कि वीडियो में दिखाया गया मसाज फिजियोथेरेपी नहीं है। देश भर में कई फिजियोथेरेपिस्ट जेल में हैं, लेकिन यह थेरेपी को बदनाम करने का एक तरीका है। हम इसके खिलाफ हैं। फिजियोथेरेपी के रूप में मालिश करवाई जा रही है। इसके लिए जिम्मेदार मंत्री को माफी मांगनी चाहिए।
सत्येंद्र जैन को कथित तौर पर VVIP ट्रीटमेंट देने के आरोप में तिहाड़ जेल के बैरक नंबर 7 के अधीक्षक अजीत कुमार को 14 नवंबर को निलंबित कर दिया गया था। इससे 10 दिन पहले यानी 4 नवंबर को तिहाड़ के डीजी संदीप गोयल को हटाकर उनकी जगह संजय बेनीवाल को नियुक्त किया गया था। उस पर तिहाड़ जाने वाले ठग सुकेश चंद्रशेखर से 10 करोड़ रुपये वसूलने का आरोप था। इसके साथ ही कुछ अन्य कर्मचारियों को भी हटाया गया था।