मध्य प्रदेश में चुनाव का दौर भले ही अभी दूर हों लेकिन मौसम की तरह सियासी गर्मी भी तेज़ हो गई हैं. करीब 8 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी दावेदारी पेश करने लगे हैं.

बीजेपी-कांग्रेस का खेल बिगाड़ने के लिए एमपी में आम आदमी पार्टी (AAP) एक्टिव हो चूकी हैं. भोपाल के भेल दशहरा मैदान से AAP का चुनावी शंखनाद ख़ुद पार्टी प्रमुख व दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने किया. इस दौरान पंजाब के सीएम भगवंत मान भी मौजूद रहें.

सीएम केजरीवाल ने भोपाल में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए विधायकों की ‘खरीद-फरोख्त’ का मुद्दा उठाते हुए ना सिर्फ़ बीजेपी-कांग्रेस बल्क़ि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला.

केजरीवाल का पीएम पर वार-

पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए सीएम केजरीवाल बोले, जिस दिन प्रधानमंत्री ने मनीष सिसोदिया को जेल भेजा, मुझे लगा देश का प्रधानमंत्री पढ़ा-लिखा होना चाहिए. अगर देश के प्रधानमंत्री पढ़े-लिखे होते तो उन्हें शिक्षा का महत्व पता होता. कम पढ़े-लिखे प्रधानमंत्री होंगे तो कोई आकर कहेगा ‘प्रधानमंत्री जी, सब से थाली बजवाओ, कोरोना भाग जाएगा.’ पूरे देश से थाली बजवा दी! भागा कोरोना? इसलिए देश के प्रधानमंत्री को पढ़ा-लिखा होना बहुत ज़रूरी है. 

सीएम केजरीवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का पढ़ा-लिखा होना जरूरी है. पीएम पढ़ा, लिखा नहीं होगा तो कोई भी बेवकूफ बना देगा कि नोटबंदी कर दो- "भ्रष्टाचार-आतंकवाद खत्म हो जाएगा" क्या भ्रष्टाचार-आतंकवाद खत्म हुआ? पढ़े-लिखे पीएम को Economy,Technology, Science की जानकारी होगी. 

केजरीवाल का वार, बीजेपी का पलटवार-

सीएम केजरीवाल के इस बयान पर बीजेपी की तरफ से एमपी बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने पलटवार करते हुए लिखा कि मदारी की तरह भाषण देने से लोग नहीं मान लेंगे कि थाली कोरोना के लिए बजवाई थी. नटवरलाल, थालियां ‘कोरोना योद्धाओं’ का उत्साह बढ़ाने के लिए बजाई थी.

उन्होंने आगे केजरीवाल के बयान पर चुटकी लेते हुए लिखा कि 'भाई कम फेंका कर'! बता दें कि इस बार मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली हैं.