लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने आशीष मिश्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें एक हफ्ते में सरेंडर करने के आदेश में दिए। गौरतलब है कि आशीष मिश्रा गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे हैं। SIT ने लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या मामले में आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया था।
Supreme Court cancels bail granted to Ashish Mishra in the Lakhimpur Kheri violence case, directs him to surrender within a week pic.twitter.com/kIQJZ7UzHA
— ANI (@ANI) April 18, 2022
शीर्ष अदालत ने चार अप्रैल को मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आशीष मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पीड़ित पक्ष की परवाह नहीं की, पीड़ित पक्ष की सुनवाई ठीक से नहीं हुई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हाईकोर्ट को पुनर्विचार करना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हाईकोर्ट को आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी पर पुनर्विचार करना चाहिए। वहीं, पीड़ित पक्षों के वकील दुष्यंत दवे ने अनुरोध किया कि सुप्रीम कोर्ट को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से पूछना चाहिए कि क्या इस बार मामला दूसरी पीठ के पास जाना चाहिए। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि ऐसा आदेश उचित नहीं है। हमें यकीन है कि वही जज दोबारा मामले की सुनवाई भी नहीं करना चाहेंगे। साथ ही कोर्ट ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में वापस भेज दिया।
Lakhimpur Kheri violence case | Supreme Court remands the matter back to the Allahabad High Court to hear the issue afresh
— ANI (@ANI) April 18, 2022
लखीमपुर खीरी हिंसा में आठ लोगों की हुई थी मौत
3 अक्टूबर 2021 को लखीमपुर के तिकुनिया में हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि केंद्रीय गृह मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा उर्फ मोनू ने अपनी जीप से किसानों को कुचल दिया था। इस मामले में उत्तर प्रदेश की एसआईटी ने पांच हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। एसआईटी ने आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया है। इतना ही नहीं एसआईटी के मुताबिक आशीष मौके पर मौजूद था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में आशीष मिश्रा को फरवरी में जमानत दे दी थी। लेकिन अब सुप्रीमकोर्ट ने जमानत ख़ारिज कर दी है।