महिला सुरक्षा का मुद्दा हर चुनाव में ज़रूर उठता है. सभी पार्टियां इसके ज़रिये अपना वोट बैंक मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोडती हैं. जीतने वाली पार्टी बेहतर कानून व्यवस्था की मिसाल भी देती है लेकिन जमीनी स्तर पर जो हालात बने हुए हैं वह किसी से छुपे नहीं हैं.
ग्रामीण इलाके ही नहीं बल्कि अब तो देश की राजधानी दिल्ली इसका जीता जागता उदाहरण है. दिल्ली के द्वारका इलाके में एक स्कूली छात्रा पर बाइक सवार दो लड़कों ने एसिड से अटैक कर दिया. घटना सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रहीं है. दरअसल, छात्रा अपनी छोटी बहन के साथ स्कूल जाने के लिए मोहन गार्डन के पास खड़ी थी. तभी इंसानियत का चौला ओढ़े बाइक पर सवार दो हैवान सामने की तरफ से आये और छात्रा के चेहरे पर एसिड फ़ेक फ़रार हो गए.
दर्द से तड़प रहीं छात्रा की हालत देख साथ में मौजूद छोड़ी बहन ने पहले घर वालों को बुलाया. उसके बाद घर वाले घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को फ़ोन किया लेकिन हेल्पलाइन नंबर चेंज होने कारण कॉल नहीं लगा. फिर घर वालों ने छात्रा (बेटी) को सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया. अस्पताल में दिल्ली पुलिस की टीम भी पहुंची. पुलिस के मुताबिक, छात्रा की उम्र 17 वर्ष है, और वह 12 क्लास की स्टूडेंट है.
CCTV फुटेज से हुआ ख़ुलासा-
पुलिस को घटनास्थल का एक CCTV फुटेज भी मिला. जिसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि दो युवक बाइक पर सवार होकर सामने की तरफ से आ रहे हैं. छात्रा के नजदीक पहुंचते ही पीछे बैठा आरोपी लड़की के चेहरे पर एसिड फ़ेक देता है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर अब तेज़ी से वायरल हो रहा हैं.
पुलिस ने CCTV फुटेज और बयानों के आधार पर जांच शुरू की. आरोपियों की पहचान कर पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति सहित दोनों को गिरफ़्तार कर लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एसिड छात्रा के चेहरे और आखों पर गिरा है, जिससे उसकी आखें जलन कर रही हैं.
दिल्ली महिला आयोग का बड़ा बयान-
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने घटना पर संज्ञान लेते हुए सरकारों पर हमला बोला. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि द्वारका मोड़ के पास एक स्कूली छात्रा पर तेजाब फेंका गया. हमारी टीम पीड़िता की मदद के लिए अस्पताल पहुंच गई है. बेटी को इंसाफ दिलाएंगे. दिल्ली महिला आयोग सालों से देश में तेजाब बैन करने की लड़ाई लड़ रहा है. आख़िर कब जागेगी सरकारें?
नहीं रुख़ रहीं घटनाएँ-
इस घटना का CCTV फुटेज देख हर कोई सहम गया क्योंकि इसी दिल्ली में एक लड़की के 35 टुकड़े कर जंगलों में फेक दिए गए थे. जी हाँ..! उसी चर्चित श्रद्धा मर्डर केस का अभी पूरी तरह से ख़ुलासा भी नहीं हुआ था कि बीच सड़क मासूम छात्रा पर हैवानों ने एसिड अटेक कर कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दी हैं.
इसमें सोचने वाली बात ये है कि दिल्ली में चारों तरफ CCTV कैमरे लगे होने के बावजूद भी पुलिस अपराधियों के हौसले को पस्त नहीं कर पा रहीं हैं. अगर शहरों की ये हालत है तो फिर ग्रामीण अंचलों में अपराध किस स्तर पर होगा. इसकी कल्पना मात्र से ही रौंगटे खड़े हो जाते हैं.
लगातार महिलाओं पर बढ़ रहें अपराध बताते है कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं. इसलिए सिर्फ़ चुनावी मंचों या मेनीफेस्टो में सुरक्षा का दावा करने से मौजूदा तस्वीर नहीं बदलने वाली बल्क़ि इसके लिए कड़े फ़ैसले लेकर आपराधियों के हौसलों को पूरी तरह से ध्वस्त करने की ज़रूरत हैं.