भोपाल: जंगलराज में अफसरशाही हावी है. विवादित रेंजर सीसीएफ-एसडीओ को सरेआम मोबाइल फोन पर धमकाते है और विभाग के मुखिया से लेकर मंत्रालय में बैठे शीर्ष अफसर तक तमाशबीन बने हुए हैं. बैतूल की घटना को लेकर एपीसीसीएफ एसपी शर्मा ने अपनी रिपोर्ट विभाग को दे दी है पर कार्रवाई अब तक नहीं हुई. इसी प्रकार खरगौन में एसडीओ को धमकाने वाले रेंजर के खिलाफ अब तक कोई जांच तक शुरू नहीं हो पाई.
हास्यापद पहलू यह भी है कि सागर में ₹20 करोड़ वनीकरण क्षतिपूर्ति घोटाले के दागी डीएफओ के तबादले के प्रस्ताव 'लौटती डाक से भेजने' संबंधित शासन के निर्देश एक महीने बाद भी अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है. बैतूल सांसद दुर्गादास उईके ने सीएम को पत्र लिखकर सीसीएफ को धमकाने वाले रेंजर को स्थानांतरित करने के लिए पत्र लिखा है.

बैतूल सर्किल में अनुसंधान एवं विस्तार में लंबे समय से पदस्थ रेंजर सुनील जैन ने सागर सीसीएफ एके सिंह को मोबाइल फोन पर गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए धमकाया कि 'आपको ऐसा उलझाऊंगा कि आप कल्पना भी नहीं कर पाओगे.' इस बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने एपीसीसीएफ एसपी शर्मा की अध्यक्षता में 2 सदस्य कमेटी गठित की थी.
एपीसीसीएफ शर्मा ने अपनी रिपोर्ट 30 दिसंबर 22 को विभाग प्रमुख आरके गुप्ता को सौंप दी. इस रिपोर्ट के बाद एक्शन लेने के लिए विभाग प्रमुख ने फारेस्ट मंत्रालय की ओर फाइल आगे बढ़ा दी है. तब से अब तक शासन में सुनील जैन के खिलाफ कार्रवाई करने संबंधित प्रस्ताव की फाइल धूल खा रही है. जबकि प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय प्रशासन-दो ने कार्रवाई के नाम पर सुनील जैन के स्थानांतरण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है. सूत्रों ने बताया कि मुख्यालय से मंत्रालय के बीच बाबूओं का नेक्सस रेंजर सुनील जैन पर कार्रवाई की फाइल दबाकर रखी है.
सांसद ने लिखा सीएम को पत्र-
बैतूल सांसद दुर्गादास उईके मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर रेंजर सुनील जैन को बैतूल से बाहर स्थानांतरित करने का आग्रह किया है. पत्र में लिखा है कि रेंजर सुनील जैन की कार्यप्रणाली विवादित होने के साथ-साथ उच्च अधिकारियों से भी संबंध अच्छे नहीं है. मुख्यमंत्री सचिवालय ने 2 जनवरी 23 को सांसद का पत्र वन मंत्रालय भेजकर कार्रवाई करने के लिए कहा है.
आग लगाने की धमकी देने वाले रेंजर पर कार्रवाई की नहीं-
खरगौन वन मंडल के रेंजर पीयूस चौधरी ने भीकनगांव एसडीओ दिनेश वास्कले को 6 दिसंबर को आग लगाने की धमकी देते हुए ऑडियो वायरल हुआ. एसडीओ वास्कले ने रेंजर के खिलाफ डीएफओ खरगौन और सीसीएफ खंडवा को लिखित शिकायत की. डेढ़ महीने का समय बीत जाने के बाद भी खंडवा सीसीएफ आरपी राय ने कोई कार्यवाही नहीं की.
यहां तक कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक मुख्यालय से भी सीसीएफ राय जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए किंतु रंजन के खिलाफ अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है. बताया जाता है कि रेंजर चौधरी सीसीएफ राय का काफी करीबी है, इसीलिए अब तक उसे बचाया जा रहा है.
नवीन गर्ग की फाइल भी मंत्रालय में अटकी-
वन मंत्री विजय शाह ने विधानसभा में सत्र के दौरान 20 करोड़ के वनीकरण क्षतिपूर्ति घोटाले के आरोप से घिरे सागर डीएफओ नवीन गर्ग को हटाने का आश्वासन दिया था. इस आश्वासन के आधार पर ही मंत्रालय से लौटती डाक से प्रस्ताव भेजने संबंधित आदेश प्रधान मुख्य वन संरक्षक मुख्यालय को भेजा.
प्रशासन-एक शाखा के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि नवीन घर को हटाने का प्रस्ताव मंत्रालय को भेज दिया है. अब मंत्रालय को ही आदेश जारी करना है. बताते हैं कि मंत्रालय में ही गर्ग के हटाने की फाइल अटकी है. भरोसेमंद सूत्रों ने बताया कि गर्ग मैनेजमेंट कोटे के तहत अपनी प्राइम पोस्टिंग के लिए भी कवायद कर रहे हैं.