भोपाल: सीएम मोहन यादव द्वारा निर्देशित महत्वपूर्ण प्रकरणों पर विलंब करने पर संबंधित विभाग के दोषी अफसरों पर अब कार्यवाही की जायेगी। इसके लिये मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने सभी विभाग प्रमुखों को चेतावनी जारी की है। 

जारी चेतावनी में कहा गया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा प्रेषित ए प्लस एवं ए मॉनिट के महत्वपूर्ण प्रकरण नोटशीट के माध्यम से विभागों को भेजे गये है। विभागों द्वारा पोर्टल पर टारगेट डेट एवं फालोअप डिटेल्स समय पर नहीं भरा जा रहा है, जिसके कारण अति महत्वपूर्ण प्रकरणों में विलंब हो रहा है, इसलिये जिन विभागों के अधिकारियों द्वारा उपरोक्त जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है, उनकी जिम्मेदारी नियत कर उनके विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करें तथा की गई कार्यवाही से इस कार्यालय को अविलंब सूचित किया जाए तथा उक्त मॉनिटों का प्राथमिकता से निराकरण कर संबंधित प्रकरणों की नस्तियां समन्वय में प्रस्तुत की जावें।

राजौरा ने सभी विभागों को उनके यहां लंबित प्रकरणों की जानकारी भी भेजी है जिसमें बताया गया है कि कितने मामले पेंडिंग हैं और इनमें कितने मामलों में समय सीमा खत्म होने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। 

इनमें गृह विभाग के ए प्लस प्रकरण 64 हैं और ए प्रकरण 49 हैं जिनमें समय सीमा खत्म होने पर भी कोई कार्यवाही नहीं की गई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के क्रमश: 24 एवं 15, राजस्व विभाग के क्रमश: 13 एवं 15 मामले, लोनिवि के क्रमश: 12 एवं 19 मामले, स्कूल शिक्षा विभाग के 13 एवं 21 मामले, जीएडी के क्रमश: 29 एवं 16 मामले, वन विभाग के क्रमश: 15 एवं 5, ऐसे मामले हैं। 

सभी विभागों के कुल प्रकरण देखे जायें तो इनमें 1317 प्रकरण आये थे जिनमें से 239 ही निराकृत किये गये, इनमें 212 मान्य किये गये और 27 अमान्य किये गये, कुल पेंडिंग मामले 1078 हैं जिनमें 536 मामले समय सीमा खत्म होने के बाद भी पेंडिंग हैं।