भोपाल। प्रदेश की वन एवं राजस्व सीमा को लेकर हो रहे विवादों को लेकर पिछली कमलनाथ सरकार के समय गठित टास्क फोर्स की रिपोर्ट पर अब वर्तमान शिवराज सरकार ने कार्यवाही प्रारंभ की है। यह टास्क फोर्स 29 मई 2019 को एसीएस वन की अध्यक्षता में गठित की गई थी तथा इसने 6 फरवरी 2020 को अपनी रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत कर दी थी।

उक्त रिपोर्ट को अब लम्बे समय बाद केबिनेट में पेश किये जाने की तैयारी चल रही है। यह टास्क फोर्स पहले वन विभाग के प्रमुख केके सिंह की अध्यक्षता में गठित हुई थी परन्तु बाद में इसके प्रमुख बने एपी श्रीवास्तव ने इसकी पूर्ण रिपोर्ट तैयार की थी। रिपोर्ट में वन क्षेत्रों में वितरित पट्टों एवं अतिक्रामकों का सेटलमेंट करने, आरेंज एरिया व वन-राजस्व सीमा विवाद सहित पन्द्रह विषयों पर अपनी सिफारिशें की गई हैं। रिपोर्ट में वन संरक्षण कानून आने के पहले वन क्षेत्रों में वितरित पट्टों को सही माना गया है।

रिपोर्ट का हिन्दी अनुवाद होगा :
टास्क फोर्स की रिपोर्ट केबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने के पहले इस पर विचार करने के लिये मुख्य सचिव 31 जनवरी को बैठक रखी थी लेकिन जब देखा गया कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट अंग्रेजी भाषा में है, इसलिये यह बैठक टाल दी गई तथा वन विभाग से कहा गया कि इसका हिन्दी अनुवाद करें क्योंकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश हैं कि रिपोर्ट हिन्दी में ही रखी जायें। अब हिन्दी अनुवद होने पर इस रिपोर्ट पर विचार करने के लिये पुन: बैठक आयोजित की जायेगी।