भोपाल। जिस प्रकार प्रदेश में मदिरा दुकानों पर मंहगी शराब बिकने के कारण नकी शराब बनाने एवं बेचने के प्रकरण सामने आये हैं, उसी प्रकार अब पैट्रोल एवं डीजल की कीमतें अत्यधिक होने के कारण अब मिलावटी बायोडीजल बेचे जाने के भी प्रकरण सामने आने लगे हैं। ऐसे एक मामले में राज्य सरकार ने कार्यवपाही की है जबकि 55 बायेडीजल पम्पों को बिना अनुमति के चलाने पर बंद किया गया है।
राज्य के खाद्य विभाग के अनुसार, प्रदेश में अवैध बायोडीजल पंप संचालन के तथ्य कुछ जिलों में सामने आये हैं। इस पर कार्यवाही की गई है। नीमच जिले में मिलावटी बायोडीजल बेचे जाने के एक मामले में कार्यवाही की गई है। मिलावटी बायोडीजल की बिक्री से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है और राजस्व की भी हानि होती है।
खाद्य विभाग के अनुसार, प्रदेश में बायोडीजल के कुल 79 पंप संचालित पाये गये जिसमें से 24 के पास अनुमति थी जबकि 55 के पास अनुमति नहीं थी। प्रदेश के जिलों यथा इंदौर में 4, उज्जैन में 6, छतरपुर में 5, जबलपुर में 1, धार में 5, नीमच में 7, मंदसौर में 15, रतलाम में 2, रायसेन में 4, शाजापुर में 2, सीधी में 3 तथा सीहोर में 1 बायोडीजल पंप बिना अनुमति के संचालित होने के पाये गये हैं।