देश में आज एक और इतिहास बनने जा रहा है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में लंबे समय बाद एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जी हां..! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 7 बजे इंडिया गेट के पीछे एक छत्र के नीचे स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
आज सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी।
— AajTak (@aajtak) September 8, 2022
सरकार का कर्त्तव्य पथ Vs विपक्ष का सियासी पथ #ATVideo #AajSubah| @ARPITAARYA pic.twitter.com/J20GZjwgG7
ग्रेनाइट पत्थर से बनी यह मूर्ति देश के सबसे बड़े मोनोलिथ (अर्थात एक ही पत्थर से उकेरी गई मूर्ति) में से एक होगी। इतना ही नहीं, पिछले 61 वर्षों में कई पीढ़ियां 'राजपथ' से गुजरी हैं। नई पीढ़ी अब इसी सड़क को 'कर्तव्य पथ' के नाम से जानेगी, क्योंकि भारत गणराज्य की शक्ति को दुनिया को दिखाते हुए इस सड़क का नाम भी आज से ही बदल दिया जाएगा। इससे पहले 1961 में इस सड़क का नाम ब्रिटिश काल के किंग्स-वे से बदलकर 'राजपथ' कर दिया गया था।
खुल जाएगा 'कर्तव्य पथ'-
केंद्र सरकार ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में करोड़ो रुपये खर्च किए हैं। 20,000 करोड़ की लागत से बनने वाले सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की शुरुआत कोरोना काल के बीच में हुई थी। इसके तहत राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक तीन किलोमीटर लंबी सड़क पर नए संसद भवन के अलावा देश की नई राजधानी का निर्माण होने जा रहा है। इसमें केंद्र सरकार का नया सचिवालय, मंत्रालयों के कार्यालय और कई सरकारी आवास बनने हैं। इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'राजपथ' की जगह 'कर्तव्य पथ' का उद्घाटन करने जा रहे हैं।
नेताजी की प्रतिमा का अनावरण-
इस साल की शुरुआत में पीएम मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर इंडिया गेट के पीछे एक छत्र में उनकी होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया था। तब कहा गया था कि इस स्थान पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट की मूर्ति स्थापित की जाएगी। अब यहां 28 फीट ऊंची प्रतिमा बनकर तैयार है, पीएम मोदी आज इसका अनावरण करने जा रहे हैं। इससे पहले, सरकार ने इंडिया गेट के नीचे प्रकाशित 'अमर जवान ज्योति' को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में शामिल किया था।
खास है इंडिया गेट की छत्र का इतिहास-
जिस छत्र के नीचे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित होने जा रही है, उसके नीचे पहले ब्रिटिश महाराजा किंग जॉर्ज पंचम की संगमरमर की मूर्ति थी। 1939 में स्थापित प्रतिमा को आजादी के बाद हटा दिया गया था और 1968 से छत्र खाली है। लेकिन अब यहां पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 28 फीट ऊंची प्रतिमा आज स्थापित की जायेगी।
अमृतकाल के 5 प्राणों में से एक-
पीएम मोदी के संकल्पों में इस नए संस्करण को "लाल किले की प्राचीर से उनके स्वतंत्रता दिवस के भाषण से" जोड़ा जा रहा है। उस दिन पीएम मोदी ने आजादी के अमृत पर्व पर '5 संकल्प' लिए थे। ऐसे में नेताजी की प्रतिमा का अनावरण और राजपथ का नाम बदलने को 'गुलामी की मानसिकता से मुक्ति' के संकल्प से जोड़ा जा रहा है।
कई रंगारंग कार्यक्रम होंगे-
मुख्य समारोह उत्सव 8 सितंबर 2022 को कर्तव्य पथ पर रात 8.45 बजे से शुरू होगा। साथ ही 10 और 11 सितंबर 2022 को शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक चलेगा। नेताजी के जीवन पर 10 मिनट का विशेष ड्रोन शो 9, 10 और 11 सितंबर 2022 को रात 8 बजे इंडिया गेट पर प्रस्तुत किया जाएगा। जनता के लिए सांस्कृतिक उत्सव और ड्रोन शो दोनों में प्रवेश निःशुल्क रहेगा। साथ ही आज प्रस्तुति के लिए कई रंगारंग कार्यक्रम भी तैयार किये गए हैं।