चीन से लगातार डराने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। लेकिन अब चीन ही नहीं दुनियाभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। बात करें बीते 24 घंटों की तो इस दौरान दुनियाभर में 5.37 लाख केस सामने आए हैं। वहीं 1396 लोगों ने इस दौरान अपनी जान गंवा दी।

पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा केस जापान में मिले हैं। इतना ही नहीं अमेरिका में भी 50 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। उधर, चीन में कोरोना से तबाही जारी है। यहां न सिर्फ कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं, बल्कि महामारी से लोगों की जान भी जा रही है।

हालात ये हैं कि अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए जगह तक नहीं बची है। यह बात वर्ल्ड हेल्थ ऑगेर्नाइजेशन (WHO) ने भी मानी है। WHO ने कहा कि कोरोना की मौजूदा लहर के चलते चीन के अस्पताल मरीजों से भर गए हैं। चीन के अलावा अमेरिका, जापान समेत दुनिया के तमाम देशों में भी कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं।

भारत सरकार ने भी सभी राज्यों को अलर्ट रहने को कहा है।

जापान में सबसे ज्यादा केस मिले

जापान में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2.06 लाख केस मिले हैं। वहीं, 296 लोगों की मौत हुई है। अमेरिका में भी 50 हजार से ज्यादा केस मिले हैं। जबकि 323 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इसके अलावा दक्षिण कोरिया में 88,172, फ्रांस में 54,613 और ब्राजील में 44415 केस मिले हैं. जबकि ब्राजील में महामारी से 197 लोगों की मौत हुई है।

भारत में कितने केस मिले?

भारत में पिछले 24 घंटे में 145 केस मिले हैं. हालांकि, इस दौरान किसी की जान नहीं गई है। अब तक देश में 44,677,594 केस मिल चुके हैं। वहीं, 5.3 लाख लोग अब तक महामारी में अपनी जान गंवा चुके हैं। देश में एक्टिव केस सिर्फ 4672 हैं।

चीन में कितने केस मिले?

चीन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में बुधवार को 3,030 केस मिले हैं। जबकि किसी की जान नहीं गई है. इससे पहले मंगलवार को कोरोना से चीन में 5 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, चीन से जो वीडियो और तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। इतना ही नहीं WHO ने भी माना है कि चीन में मौजूदा लहर के चलते अस्पताल मरीजों से भर गए हैं।

चीन उपलब्ध कराए और जानकारी- WHO  

WHO ने चीन से महामारी को लेकर और जानकारी देने को कहा है। WHO के इमरजेंसी चीफ डॉ. माइकल रेयान ने कहा कि चीन में कोरोना के कम केस रिपोर्ट हो रहे हैं। लेकिन वहां हॉस्पिटल भरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि हम हफ्तों से यही कह रहे थे कि इस अत्यधिक संक्रामक वायरस को पूरी तरह से रोकना बहुत कठिन होने वाला है। इन्हें केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों से ही रोका जा सकता है।