केजरीवाल की ओर से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश के बाद अब छत्रपति शिवाजी और बाबासाहेब अंबेडकर के फोटो को भी नोटों पर छापने की मांग की जाने लगी है। बीजेपी नेता नीतीश राणे ने कहा है कि नोट में छत्रपति शिवाजी की तस्वीर होनी चाहिए। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इंडियन करेंसी पर महात्मा गांधी के साथ भगवान लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर की मांग कर राजनीतिक सरगर्मी पैदा कर दी है।
गुजरात चुनाव से पहले केजरीवाल के इस बयान को लेकर कांग्रेस से लेकर बीजेपी तक से सभी नेताओं ने आड़े हाथों लिया है। बीजेपी जहां इसे केजरीवाल का हिदू कार्ड बता रही है, वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी इसे लेकर विवाद खड़ा कर दिया है।
माता लक्ष्मी और भगवान गणेश के बाद छत्रपति शिवाजी और बाबासाहेब अंबेडकर को भी नोटों में शामिल करने की मांग की जा रही है। बीजेपी नेता नीतीश राणे ने कहा है कि नोट में छत्रपति शिवाजी की तस्वीर होनी चाहिए। उन्होंने ऐसे ही एक नोट की फोटोशॉप्ड तस्वीर भी पोस्ट की है।
पूरे विवाद की शुरुआत आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई। केजरीवाल ने मांग की कि भारतीय नोटों में महात्मा गांधी के साथ भगवान लक्ष्मी-गणेश की छवि होनी चाहिए। अगर ये बात मान ली जाती है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और डॉलर के मुकाबले रुपये में सुधार होगा। इस दौरान उन्होंने इंडोनेशिया का उदाहरण भी पेश किया था।
केजरीवाल के इस बयान के बाद नोटों को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाले अरविंद केजरीवाल का यह यू-टर्न है। इसके बाद कांग्रेस नेता सलमान सोज ने कहा कि अगर नोटों पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी को शामिल करने से समृद्धि आएगी तो इसमें अल्लाह, जीसस और गुरु नानक को भी शामिल किया जाना चाहिए।
विवाद शुरू हुए एक दिन भी नहीं बीता था जब भाजपा नेता नीतीश राणे इसमें कूद पड़े थे। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर शिवाजी की तस्वीर के साथ एक फोटोशॉप्ड नोट पोस्ट किया। उस पर लिखा है, यह उत्तम है। इसके बाद कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी अपनी मांग रख दी। उनका कहना है, कि भारतीय नोटों पर बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर होनी चाहिए।