पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों में तस्वीर लगभग साफ है। ऐसा लगता है कि भारतीय जनता पार्टी चारों राज्यों में फिर से सत्ता हासिल करने के लिए तैयार है। जिस पर वह शासन कर रही थी। इसके अलावा, कांग्रेस पंजाब को खोने जा रही है। ऐसे में एक बार फिर कांग्रेस नेतृत्व और टीम को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वाभाविक रूप से, यह वही टीम है जिसमें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर्दे के पीछे काम कर रहे हैं।
राहुल गांधी की टीम की बात करें तो सबसे पहले नाम केसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला आदि हैं। ये चुनावी राज्य में प्रभारी थे। लेकिन अब वे इन राज्यों को नहीं बचा सके। यहां तक कि कांग्रेस को सभी जगह से खाली हाथ लौटना पड़ा। इस बार पंजाब में पार्टी और पार्टी के कई बडे नेता भी चुनाव हार गए है।
चुनावी हार के बाद राहुल गाँधी ने ट्विट करते हुए लिखा कि, जनता के फैसले को विनम्रता से स्वीकार करें। जनादेश जीतने वालों को शुभकामनाएं। मैं सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए धन्यवाद देता हूं। हम इससे सीखेंगे और भारत के लोगों के हित के लिए काम करते रहेंगे।
Humbly accept the people’s verdict. Best wishes to those who have won the mandate.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 10, 2022
My gratitude to all Congress workers and volunteers for their hard work and dedication.
We will learn from this and keep working for the interests of the people of India.
उत्तराखंड में परंपरा टूटी :
उत्तराखंड में अपनी स्थापना के बाद से हर पांच साल में सरकार बदलने की परंपरा रही है, लेकिन कांग्रेस इस परंपरा को नहीं तोड़ पाई है और एक बार फिर भाजपा सत्ता में लौट रही है। यहां पार्टी के भीतर की दरार भी चुनाव में सामने आई है। जो दो उपदलों में बंट गया। जो साथ काम करने को तैयार नहीं थे।
गोवा में भी हालात बदतर:
इस चुनाव में कांग्रेस ने कुछ समय तक बीजेपी को काफी टक्कर दी लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढता गया, कांग्रेस काफी नीचें चली गई। अब एक बार फिर बीजेपी सत्ता में बापसी कर रही हैं। इसी के बीच कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से सभी जगह से हार के बाद अब मंथन की बात कर रही हैं।