जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में गुरुवार को आतंकवादियों ने एक तहसीलदार के कार्यालय में घुसकर एक कश्मीरी पंडित कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी। ऑफिस में अचानक हुई फायरिंग से कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। आतंकियों के मौके से भाग जाने के बाद अन्य लोगों ने घायल कर्मचारी राहुल भट्ट को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद उन्हें श्रीनगर रेफर कर दिया गया। जहां कुछ देर इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरा कश्मीर दहल उठा है। बडगाम से श्रीनगर तक हिंसक प्रदर्शन भी हो रहे है। 

बता दें कि बडगाम की चादुरा तहसील में कार्यरत कर्मचारी राहुल भट्ट की हत्या के विरोध में कश्मीरी पंडितों ने जम्मू-श्रीनगर हाईवे और बारामूला-श्रीनगर हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। मौके पर पहुंचे कश्मीरी पंडितों ने शव को सड़क पर रख दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हत्या के विरोध में प्रदर्शन करते हुए बडगाम के एयरपोर्ट रोड की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।

कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने कहा है कि वे बिना सुरक्षा के काम पर नहीं जाएंगे। वहीं, उपराज्यपाल के आने को लेकर प्रदर्शनकारी अड़े रहे, लेकिन बाद में पुलिस उप महानिरीक्षक सुजीत कुमार के आश्वासन पर कर्मचारी शव को ले जाने के लिए तैयार हो गए।

कश्मीरी पंडित की हत्या-

आतंकियों ने राजस्व विभाग में तैनात राहुल भट्ट नाम के अधिकारी को निशाना बनाया। तहसील कार्यालय में घुसकर आतंकियों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद आतंकवादी भाग गए।

राहुल भट्ट का अंतिम संस्कार-

राहुल भट्ट का अंतिम संस्कार आज बंटलाब में किया गया। इस मौके पर एडीजीपी जम्मू मुकेश सिंह, मंडलायुक्त रमेश कुमार समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे। घटना के बाद सुरक्षा बल तहसीलदार के कार्यालय पहुंचा। उन्होंने पूरे इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की तलाश जारी है। कश्मीर टाइगर नामक एक अज्ञात आतंकवादी समूह ने हमले की जिम्मेदारी ली है। घटना के बाद आतंकी संगठन ने उर्दू में एक संदेश भी जारी किया।

आतंकवादी समूह ने अपने संदेश में लिखा, आज, कश्मीर टाइगर बडगाम के चदुरा में एक पंडित की हत्या की जिम्मेदारी ले रहा है। हम यह स्पष्ट करना चाहते है कि जो कोई भी हिंदू सरकारी कार्यालय में मुसलमानों को परेशान करेगा, उसका भी यही परिणाम होंगा। अगर कोई भविष्य में मुसलमानों को परेशान करने की कोशिश करता है, तो उसे इसी तरह परिणाम भुगतने होंगे।

जानिए क्या है पूरा मामला-

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में आतंकियों ने एक राजस्व अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी है। तहसील कार्यालय में आतंकियों ने राहुल भट्ट नाम के एक अधिकारी को निशाना बनाया। अस्पताल में इलाज के दौरान राहुल की मौत हो गई।राहुल लंबे समय से राजस्व विभाग में कार्यरत है।

इस हमले के बाद कांग्रेस एक बार फिर केंद्र सरकार पर आक्रामक हो गई है। कांग्रेस नेता अश्विनी हांडा ने ज़ोर  देकर कहा है कि सरकार घाटी में कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थ है। घाटी में कश्मीरी पंडितों पर इस तरह के हमले लगातार हो रहे है। सरकार को अब इसपर एक्शन लेना चाहिए क्योंकि घाटी के अंदर अधिकारियों से लेकर सरपंच तक को आतंकी निशाना बना रहे है। इसमें स्थानीय लोग भी आतंकियों के शिकार हो रहे है।