भोपाल: प्रदेश की अनेक कृषि उपज मंडियां प्रति माह राज्य मंडी बोर्ड मुख्यालय को विपणन विकास निधि नहीं भेज रही हैं। इसकी जानकारी मिलने पर अब बोर्ड ने इन सभी मंडियों को ताकीद किया है कि वे नियमित रुप से इसका भुगतान करें।
इस संबंध में बोर्ड द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि प्रदेश की कृषि उपज मंडी समितियो के द्वारा प्रतिमाह भेजी जाने वाली विपणन विकास निधि (किसान सडक़ निधि, कृषि अनुसंधान तथा अधोसंरचना विकास निधि, गौ संवर्धन निधि एवं प्रचार प्रसार निधि तथा मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना निधि) कतिपय मंडी समितियों के द्वारा नियमित रूप से नही भेजी जाती अथवा भेजी ही नहीं जाती है। परिणामस्वरूप लाखों रुपयों की राशि इस निधि की प्राप्त होना शेष है। मंडी समितियो के द्वारा विपणन विकास निधि नही भेजने के संबंध में बोर्ड के प्रबंध संचालक द्वारा अंसतोष व्यक्त किया गया है।

पत्र में आगे कहा गया है कि उक्त निधि की राशि मुख्यालय के खाते मे एनईएफटी/आरटीजीएस से अंतरित तो कर दी जाती है किन्तु मेल अथवा डाक के माध्यम से अवगत नहीं कराया जाता है एवं एनईएफटी/आरटीजीएस से अंतरित की जाने वाली राशि मंडी समिति के बैंक खाते से तत्काल डेबिट तो कर दी जाती है जबकि बैंक के सर्वर/तकनीकी खराबी के कारण संबंधित बैंक के प्रधान कार्यालय मे सस्पेंस अकाउंट मे पड़ी रहती है।

जिससे राशि का मिलान नही हो पाता है। मंडी समिति के खाते से राशि कम होने से यह मान लिया जाता है कि राशि मुख्यालय को अंतरित की जा चुकी है किन्तु मुख्यालय के खाते मे राशि प्राप्त ही नही हुई है, जिसके कारण मंडी समिति एवं मंडी बोर्ड को ब्याज की हानि होती है। इसलिये अब माह मार्च 2022 की स्थिति मे विगत वर्षों की अवशेष विपणन विकास निधि सहित राशि 10 अप्रैल 2022 तक अनिवार्य रूप से भिजवाई जायें एवं संभाग की मंडी समितियों की जानकारी संकलित कर निर्धारित समयावधि मे भेजें।