अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम बादल फटने से अब तक 16 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। अभी 40 से ज्‍यादा लोग लापता बताए हां रहे हैं।ऐसे में मृतक संख्या और भी बढ़ सकती है। आईटीबीपी और एनडीआरएफ की टीमें पुलिस प्रशासन के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। शनिवार सुबह से रेस्क्यूऑपरेशन तेज़ कर दिया गया है। 

बचाव अभियान के लिए हेलीकॉप्टर और खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। अब तक करीब 15,000 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है घटना में हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए जम्मू कश्मीर के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने कश्मीर घाटी में तैनात सभी सरकारी मेडिकल और पैरा-मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।

बाढ़ के कारण पवित्र गुफा क्षेत्र के पास फंसे अधिकांश यात्रियों को पंजतरणी स्थानांतरित कर दिया गया है। बालटाल बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा को अस्थाई रूप से स्थगित कर दिया गया है। घायलों को एयरलिफ्ट भी किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस भी मौके पर मौजूद है। बीएसएफ, सीआरपीएफ की मेडिकल टीम भी मौजूद है।

बताया जा रहा है कि गुफा के पास पिछले 12 वर्षों में तीन बार अमरनाथ यात्रा के दौरान बादल फटने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कभी भी इतनी तबाही नहीं हुई। ऐसा पहली बार हुआ है कि बादल फटने से इतने लोगों की जान चली गई और अब भी कई लापता हैं।