Amit Shah Bhopal Visit Live Updates: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज भोपाल दौरे पर हैं। सुबह साढ़े दस बजे स्टेट हैंगर पर उनका विमान पहुंचा। स्टेट हैंगर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलावा उनके कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा, उषा ठाकुर, विश्वास सारंग, बृजेंद्र प्रताप सिंह, कमल पटेल, सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री बिसाहू लाल सिंह ने शाह की आत्मीय अगवानी की।
वन समितियों के सम्मेलन में शामिल हुए अमित शाह :
शाह ने सबसे पहले केंद्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी (सीएपीटी) में 48वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उसके बाद जंबूरी मैदान पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए रवाना हुए, यहां पर उन्होंने वन समितियों के सम्मेलन में हिस्सा लिया और तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस की राशि वितरित की।
देखिये लाइव अपडेट :
'वन समितियों का सम्मेलन'
इस अवसर पर शाह का सीएम शिवराज ने पौधा भेंटकर स्वागत किया। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री का स्थानीय जनजातीय कलाकारों द्वारा निर्मित काष्ठ कला, तीर कमान व हस्तनिर्मित जैकेट भेंटकर अभिनंदन किया गया।
'वन समितियों का सम्मेलन' में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी का स्थानीय जनजातीय कलाकारों द्वारा निर्मित काष्ठ कला, तीर कमान व हस्तनिर्मित जैकेट भेंटकर अभिनंदन किया गया।#AmitShahInMP#वनोपज_से_समृद्धि_MP pic.twitter.com/TRKXSkxcHC
— BJP MadhyaPradesh (@BJP4MP) April 22, 2022
केंद्रीय गृह मंत्री ने 'वन समितियों का सम्मेलन' में हितग्राहियों को तेंदूपत्ता के लाभांश का वितरण किया। साथ ही मध्यप्रदेश के 26 जिलों में स्थित 827 वनग्रामों के राजस्व ग्राम में परिवर्तन की प्रक्रिया का शुभारंभ किया गया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah के कर कमलों से मध्यप्रदेश के 26 जिलों में स्थित 827 वनग्रामों के राजस्व ग्राम में परिवर्तन की प्रक्रिया का शुभारंभ किया गया।#वनोपज_से_समृद्धि_MP #JansamparkMP pic.twitter.com/dAabFinxTG
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827 वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों ने किया गया परिवर्तन :
जंबूरी मैदान से शाह बोले, पहली बार देश में कोई राज्य सरकार जंगलों का मालिक जनजाति भाइयों को बनाने का काम कर रही है। पहली बार जंगल से जो भी कमाई होती है। इसका 20 प्रतिशत हिस्सा वन समिति के हाथ में सौंपकर आपको इसका सीधा मालिक बनाने का काम किया है। मध्यप्रदेश में 21 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की आबादी रहती है। जब तक जनजाती भाइयों-बहनों का कल्याण नहीं होता, तब तक प्रदेश का कल्याण नहीं होगा।
उन्होंने कहा, आज एक ही बार में 827 वनग्रामों को राजस्व ग्रामों ने परिवर्तन किया गया है। ये आपके जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन लाने का फैसला है। 2022 के अंत के पहले आपकों घर देने का संकल्प पीएम मोदी ने किया, हर घर में बिजली पहुंचाने, शौचालय बनाने का काम समाप्त हो गया है। हर घर में जल, नल से पहुंचाने का प्रयोग शुरू हो गया है जो 2024 तक पूरा हो जाएगा।
देश में पहला राज्य है मप्र..! जहां जनजातीय लोगों को बनाया जंगलों का मालिक
शाह बोले, दस वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद में 2 सौ प्रतिशत की वृद्धि मध्यप्रदेश ने की है। ये रुकने वाले कार्य नहीं है। जितने भी कार्य जनजाति भाइयों के लिए हमने घोषित किए हैं वे सभी पूरे होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जनजातीय समाज के लिए, जबलपुर में 17 घोषणाएं की थीं। मुझे बताया गया कि सभी पर अमल हो रहा है। देश में पहला राज्य है मप्र, जहां जनजातीय लोगों को जंगलों का मालिक बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, मैं शिवराज जी और उनकी टीम को जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए शुरु किए फैसलों के लिए बधाई देता हूँ। प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय हितों के लिए किये गये काम अब रुकने वाले नहीं है। मप्र में 21% जनजातीय नागरिक हैं। जंगल से मिलने वाले लाभ का 20% वनग्रामों को दिया जा रहा है। सीएम के नेतृत्व में राज्य को समृद्ध बनाने के बाद अब हम जनजातीय, गरीब कल्याण के संकल्प को साकार कर रहे हैं।