उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अंतिम चरण का मतदान बाकी है। जो 7 मार्च को समाप्त होगा। सातवें चरण का प्रचार भी शनिवार शाम छह बजे समाप्त हो गया। ऐसे में अब सभी नेताओं को नतीजों का इंतजार है। इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
चुनाव जीतना हमारी प्राथमिकता नहीं :
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, 5 राज्यों में पहले चरण का चुनाव COVID की तीसरी लहर के दौरान शुरू हुआ। 8 जनवरी 22 फरवरी से, हमें कई COVID प्रोटोकॉल के तहत प्रचार करना था। हम सभी COVID प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए पांच राज्यों के लोगों को धन्यवाद देना चाहते हैं। जिन राज्यों में हम सरकार में थे, उन राज्यों में भाजपा मजबूत बहुमत के साथ वापसी करने के लिए तैयार है,उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर शामिल है।
Joint press conference by BJP National President Shri @JPNadda and HM Shri @AmitShah at party headquarters in New Delhi. https://t.co/YPzy8HLo6m
— BJP (@BJP4India) March 5, 2022
इस चुनाव में हमारा फोकस मुख्य रूप से महिलाओं, युवाओं, गरीबों और जरूरतमंदों और अन्य क्षेत्रों में किसानों का सशक्तिकरण था। इन 4 राज्यों में, एक और प्रमुख फोकस शैक्षणिक संस्थान, कनेक्टिविटी, राजमार्ग, हवाई अड्डे का बहुत कुछ विकास करने पर था। यूपी में 5 एयरपोर्ट बने हैं, 10 यूनिवर्सिटी, 78 डिग्री कॉलेज, 28 इंजीनियरिंग कॉलेज, 59 मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। जिस प्रकार से प्रधानमंत्री सरकार ने गरीब, पीड़ित, वंचित, शोषित का सशक्तिकरण किया है, उसका सकारात्मक असर हमें चुनाव में देखने को मिला है।
केंद्र सरकार की सभी जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रति सकारात्मक रवैया जनता का देखने को मिला। जहां तक पंजाब का सवाल है। वहां पहली बार हम 65 सीटों से ज्यादा पर लड़ रहे हैं। हमें वहां पर बहुत ही सकारात्मक जन समर्थन मिला है और उम्मीदों से ज्यादा अच्छा नतीजा हम वहां लाएंगे। बूथ स्तर से लेकर प्रधानमंत्री और हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष तक सभी कार्यकर्ता एक ही लय और गति के साथ एक ही दिशा में अलग अलग माध्यम से जनसंपर्क करते हैं।
आजाद भारत के इतिहास में इस चुनाव में एक थोड़े नए और विचित्र प्रकार का प्रचार अभियान रहा। लगभग साढ़े 7 साल से देश में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही है।प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार ने देश के लोगों को इस बात का एहसास दिलाया है कि कोई चुनी हुई सरकार उनके जीवन स्तर को उठाना चाहती है। इन पांचों राज्यों में नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता आजाद भारत के किसी भी प्रधानमंत्री की लोकप्रियता से कहीं अधिक ऊपर दिखाई पड़ी और इसका सीधा फायदा भाजपा को इस चुनाव में हो रहा है।
मणिपुर में फिर से बीजेपी की सरकार बनेगी। राज्य नाकाबंदी, बंद, हिंसा, नशीली दवाओं से जैविक खेती, चिकित्सा संस्थानों और बहुत कुछ में बदल गया है। पीएम मोदी और मणिपुर के हमारे सीएम ने पहाड़ियों और घाटियों के बीच के मतभेदों को खत्म करने के लिए कड़ी मेहनत की है। पीएम स्वयं उत्तर प्रदेश से सांसद हैं। जब काशी में मोदी का रोड शो हुआ, तब जनता अपने लिए काम करने वाले अपने प्रिय नेता का किस प्रकार स्वागत करती है। इसका लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक उदाहरण हमनें उत्तर प्रदेश के प्रचार में देखा है।
उत्तर प्रदेश में पहली बार लोकतंत्र नीचे तक पनपता दिखाई दे रहा है। जातिवाद, परिवारवार, तुष्टिकरण, इन तीनों नासूरों से मुक्त करके आज हम उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र को पहली बार पनपते हुए देख रहे हैं।उत्तराखंड में एक भी भ्रष्टाचार के आरोप के बगैर पूरे पांच साल भाजपा की सरकार चली है। वन रैंक-वन पेंशन की उपलब्धि उत्तराखंड के रिटायर्ड सैनिकों के घर-घर तक पहुंची है। जिस तरह से पीएम मोदी ने ध्रुवीकरण की राजनीति और वर्ग को प्रदर्शन की राजनीति से बदल दिया है, उसने न केवल भाजपा को बल्कि पूरे देश की राजनीति को भविष्य के लिए परिभाषित किया है।