केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जम्मू कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। इसी क्रम में शाह ने मंगलवार को राजौरी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की उपयोगिता बताई और राज्य के लिए कई बड़े ऐलान किये।
अमित शाह कहा कि क्या अनुच्छेद 370 और 35A नहीं हटाए जाने पर आदिवासी आरक्षण प्राप्त करना संभव होता? अब उन्हें हटाने से अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों और पहाड़ी लोगों को उनका अधिकार मिलेगा।” साथ ही उन्होंने कहा कि “370A के निरस्त होने के बाद आरक्षण की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी गई है। न्यायमूर्ति शर्मा के आयोग ने रिपोर्ट भेज दी है और गुर्जर, बकरवाल और पहाड़ी समुदायों के लिए आरक्षण की सिफारिश की है और इसे जल्द ही दिया जाएगा।”
अमित शाह ने राज्य के विपक्षी दलों पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि 3 परिवारों ने 70 वर्षों तक कश्मीर पर शासन किया, उन्होंने अपने कुलों के भीतर लोकतंत्र को गढ़ा। कश्मीर ने आज सभी आलोचकों को चुप करा दिया है। आज की रैली और आपके 'मोदी-मोदी' के नारे उन लोगों को जवाब है जिन्होंने कहा था कि अगर 370A को निरस्त किया जाएगा, तो खून-खराबा होगा।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में महानवमी के अवसर पर दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। अधिकारियों ने कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ गृह मंत्री नौ दिवसीय नवरात्र समारोह के अंतिम दिन मंदिर में दर्शन करने के लिए हेलीकॉप्टर से सांजी छत पर पहुंचे थे।