भोपाल: प्रदेश में पिछले बाईस सालों में छह जिलों में पुरातत्व एवं पौराणिक महत्व की प्राचीन मूर्तियां चोरी हुईं और पुलिस में एफआईआर भी दर्ज हुई परन्तु अब तक सिर्फ एक प्रतिमा ही बरामद की जा सकी है।
राज्य के पुरातत्व विभाग के अनुसार, मंदसौर जिले में हिंगलाजगढ़ से वर्ष 2001 में गौरी प्रतिमा चोरी हुई जिस पर पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की परन्तु प्रतिमा बरामद न होने से उसने इस केस में खत्मा डाल दिया है। इसके बाद शहडोल जिले में वर्ष 2010 में कंकाली मंदिर से खंडित प्रतिमा एवं वर्ष 2012 में नृत्य गणेश की प्रतिमा चोरी हुई जिसमें पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है परन्तु अब तक वह इसमें विवेचना ही कर रही है।
रायसेन जिले के ओबेदुल्लागंज स्थित भूतनाथ मंदिर आशापुरी से वर्ष 2012 में वराह प्रतिमा एवं अन्य प्रतिमायें चोरी हुईं जबकि वर्ष 2011 में नीमच जिले के शिवमंदिर बरुखेड़ा से नटराज की प्रतिमा, चामुण्डा की प्रतिमा एवं पंचलदेव महादेव मंदिर से विष्णु मस्तक एवं नायिक और वर्ष 2020 में ग्वालियर जिले में अष्टधातु देवी की प्रतिमा चोरी हुई तथा इन सभी चोरी के मामलों में पुलिस अपराध दर्ज कर अभी भी विवेचना कर रही है। सागर जिले के रहली से 19 मार्च 2021 को सूर्य देव की प्रतिमा चोरी हुई थी जिसे पुलिस ने बरामद कर पुन: वहीं स्थापित करा दिया है।