अनिल अंबानी ने शुक्रवार को रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने उन्हें स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किसी भी कंपनी के साथ जुड़ने से रोक दिया है। दरअसल, सेबी ने अंबानी को स्टॉक एक्सचेंज में किसी लिस्टेड कंपनी में शामिल होने पर रोक लगा दी थी। तभी से कहा जा रहा है कि अंबानी को इस्तीफा देना पड़ेगा।
सेबी के अंतरिम आदेश के बाद अंबानी ने कंपनी के निदेशक का पद छोड़ दिया है। इसी तरह, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि अंबानी ने सेबी के एक अंतरिम आदेश के बाद कंपनी के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया है।
इस बीच फरवरी में सेबी ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड, उद्योगपति अंबानी और तीन अन्य पर बॉन्ड बाजार से पैसा निकालने पर प्रतिबंध लगा दिया था। R-पावर और R-इंफ्रा के निदेशक मंडल ने शुक्रवार को राहुल सरीन को पांच साल के कार्यकाल के लिए अतिरिक्त निदेशक नियुक्त किया। रिलायंस समूह की दोनों कंपनियों ने इस संबंध में जानकारी दी है। हालांकि, यह नियुक्ति महासभा के सदस्यों के अनुमोदन के अधीन है।
अंबानी की कई कंपनियां इस समय दिवालिया हो रही हैं। इनमें रिलायंस इंफ्राटेल, रिलायंस टेलीकॉम, रिलायंस नेवल और रिलायंस कैपिटल शामिल हैं। इसके अलावा पीरामल ग्रुप की कंपनी पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस (PCHFL) ने भी रिलायंस पावर के खिलाफ एनसीएलटी का दरवाजा खटखटाया है।