उत्तराखंड के ऋषिकेश के एक रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट जॉब करने वाली 19 साल की अंकिता हत्या मामले में कई बड़े सवाल उठ रहे हैं। फ़िलहाल अंकिता हत्या मामले में प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अंकिता की मौत दम घुटने और डूबने से हुई है और शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं। हालांकि, चोट कैसे लगी यह पूरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद अंकिता के अंतिम संस्कार पर आज रोक लगा दी गई है। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए इसे दोबारा कराने की मांग की है। वहीं प्रशासन आज अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को समझाने में जुटा है। अंकिता के परिवार वालों ने सरकार के रवैये पर भी सवाल उठाए हैं।

परिवार ने पूछा कि आनन-फानन में प्रशासन ने रिसॉर्ट क्यों तोड़ा? रिश्तेदारों ने दावा किया कि सबूत नष्ट करने के लिए रिसॉर्ट को तुरंत ध्वस्त कर दिया। एक वायरल पोस्ट के अनुसार, इससे पहले भी इस तरह की घटना रिसॉर्ट में हुई हैं, इसीलिए प्रशासन ने बिना कुछ सबूतों को जुटाये सीधे रिसॉर्ट को ध्वस्त कर दिया। ऐसे कई सवाल हैं जिनके घेरे में अब प्रशासन से लेकर सरकार तक घिरी हुई है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी मामले की सुनवाई-

18 सितंबर से लापता अंकिता भंडारी का शव शनिवार को चीला पावर हाउस की नहर में मिला था। पिता और भाई ने अंकिता के शव की पहचान की, जिसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स ऋषिकेश ले जाया गया। इस हत्याकांड को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है।

सीएम ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट करेगी।

जानिए पूरा मामला-

उत्तराखंड के श्रीनगर की रहने वाली अंकिता भंडारी ने 2020 में 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। पिछले 28 अगस्त को ऋषिकेश के वनंतरा रिसॉर्ट में अंकिता ने बतौर रिसेप्शनिस्ट जॉब शुरू की थी। बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा पुलकित आर्य रिसॉर्ट का मालिक है। पुलकित आर्य, रिजॉर्ट का मैनेजर सौरभ भास्कर और एक कर्मचारी अंकित गुप्ता पर अंकिता की हत्या करने का आरोप है। तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि लापता होने से पहले तक अंकिता रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उनके स्टाफ़ के साथ ही थी। जानकारी के अनुसार, 18 सितंबर की शाम आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता बाइक से अंकिता को घुमाने ले गए थे, देर रात जब वे वापस आए तो अंकिता उनके साथ नहीं थीं। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो रिजॉर्ट से चार लोग जाते दिखे लेकिन वापस आते समय सिर्फ़ तीन लोग ही थे। घटना को दबाने के इरादे से अगले दिन अंकिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट खुद आरोपी पुलकित आर्य ने दर्ज कराई थी। 

मामले में चौकाने वाला ख़ुलासा-

अंकिता के एक दोस्त ने घटना से पहले की कुछ चैट मीडिया को बताई हैं। अंकिता ने अपने दोस्त को चैट के जरिये रिजॉर्ट में चल रहीं करतूत बताई थी। चैट के अनुसार, अंकिता पर कुछ ख़ास गेस्ट को स्पा सर्विस देने का दबाव बनाया गया था। अंकिता को प्रॉस्टिट्यूट बनाने के लिए 10 हजार रुपये का लालच भी रिजॉर्ट मालिक की तरफ से दिया गया था। अब पुलिस इस चैट के आधार पर जाचं में जुट गई हैं।