गुना. गुना पुलिस हत्याकांड के एक और फरार आरोपी छोटू पठान को मंगलवार सुबह हरिपुर के जंगल में ढेर कर दिया गया। पुलिस को देर रात रुठियाई इलाके में आरोपी की लोकेशन मिली थी और तभी से पुलिस उसका पीछा कर रही थी। मामले में यह तीसरा एनकाउंटर है। इससे पहले पुलिस ने शहजाद खान को बिदोरिया के जंगल में मार गिराया था। शुक्रवार तड़के 3 बजे पुलिस और शिकारियों में हुई मुठभेड़ में तीन पुलिसवालों की हत्या कर दी गई थी। इस मुठभेड़ में शहजाद खान का भाई नौशाद खान मारा गया था। बता दें कि पुलिस हत्याकांड में 9 को नामजद आरोपी बनाया गया है। अब तक 3 आरोपी नौशाद, शहजाद और छोटू पठान को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। 4 को गिरफ्तार किया है। मामले में अभी दो और फरार हैं।इधर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि सभी अपराधियों को तत्काल सरेंडर करना चाहिए।
छोटू पठान जंगलों में चल रही लगातार सर्चिंग से दबाव में था। पुलिस पिछले 3 दिन से छोटू पठान की लाइव लोकेशन मुखबिरों के जरिए ट्रेस कर रही थी। सोमवार-मंगलवार की रात पुलिस छोटू पठान का मूवमेंट धरनावदा थाना क्षेत्र के भदौडी जंगलों में मिला था। यहां से राजस्थान के बारा जिले की सीमा करीब 20 किलोमीटर है। पुलिस अफसरों के मुताबिक छोटू, जंगल के रास्ते राजस्थान जाना चाहता था। इसी मकसद से वह बाइक से भदौड़ी पहुंचा था। जहां पुलिस मुठभेड़ में सड़क किनारे छोटू मारा गया। गुना एसपी राजीव मिश्रा ने इसकी पुष्टि की है।
पिता-भाई पर भी FIR
गुना पुलिस हत्याकांड में दो और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने नौशाद और शहजाद के पिता निसार खान और बड़े भाई सिराज खान पर FIR की है। इन्हें नौशाद का शव छिपाने और सरकारी राइफल फेंकने का आरोपी बताया गया है। घटना के दो दिन बाद गिरफ्तारी दिखाई गई, जबकि इन्हें उसी दिन सुबह पुलिस घर से उठा ले गई थी। राइफल बरामद होने की कहानी भी समझ से परे है। रविवार को दो कुओं में दिनभर पुलिस और SDERF की टीम ने सर्चिंग की थी। देर रात तक राइफल बरामद नहीं हो सकी थी। सोमवार को अचानक पुलिस ने इसी कुएं से राइफल बरामद होने की बात कही है।
घर से उठाने के 10 घंटे बाद छोड़ा
शनिवार को सुबह इन्हें गांव से उठाया गया। वहां से इन्हें बजरंगगढ़ थाने ले जाया गया। बजरंगगढ़ थाने में इनको ले जाने की VIDEO भी सामने आई थी। पुलिस सूत्रों की मानें, तो सख्ती से हुई पूछताछ में निसार ने बेटों के बारे में बता दिया था। दिन भर इन्हें बजरंगगढ़ थाने में रखकर इनसे पूछताछ की गई। शाम करीब 8 बजे निसार और सिराज को पुलिस की गाड़ी से घर भेज दिया गया। निसार ने बताया कि सुबह से थाने में बिठा रखा था। अब गांव में वापस छोड़ दिया है।
घर छोड़ने के बाद शनिवार की रात 10 बजे फिर पुलिस गांव में पहुंची। इन दोनों को गाड़ी में बिठाकर ले जाने लगी। निसार ने बताया कि पुलिस फिर बजरंगगढ़ थाने ले जा रही है। यह कहकर ले जाया जा रहा है कि कुछ पूछताछ करनी है। यह वही समय था, जब बिदौरिया गांव के पीछे जंगल में पुलिस और शहजाद के बीच मुठभेड़ हो रही थी।
रात 10.40 बजे, जंगल में लेकर आई पुलिस
दोबारा ले जाने के करीब 40 मिनट बाद ही पुलिस दोनों को लेकर गांव के पीछे जंगल में पहुंची। दोनों को उसी जगह ले जाया गया, जहां शहजाद का एनकाउंटर पुलिस ने किया था। उसकी शिनाख्ती के लिए दोनों को लाया गया था। निसार ने ही शहजाद के शव की शिनाख्ती की थी। वहां से पुलिस फिर इन्हें गाड़ी में बिठाकर ले गई। शनिवार को ले जाने के बाद सोमवार को पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी बताई है।
दोनों आरोपियों का मिला रिमांड
सोमवार को गिरफ्तार किए गए आरोपी निसार और सिराज को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें आरोन कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने अदालत से दोनों को पुलिस रिमांड पर देने का निवेदन किया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को18 मई तक रिमांड पर सौंपा है।
आरोपी की बेटी के बयान की होगी जांच
सोमवार को आरोपी सिराज की बेटी ने गांव के सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि घटना के बाद सरपंच देवेंद्र उर्फ कल्ला और उसका बेटा गगन नौशाद को लेकर घर आए थे। वे भी शिकार में शामिल थे। ADG ग्वालियर डी श्रीनिवास वर्मा ने बताया कि बच्ची के आरोप ही नहीं, हम हर एंगल, हर पहलू, हर इनपुट की जांच करा रहे हैं। जो भी इस मामले में लिप्त पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
अब तक ये कार्रवाई हुई
पुलिस ने मामले में 9 को नामजद आरोपी बनाया है। पुलिस पर हमले के आरोपी सोनू उर्फ शफाक खान और मोहम्मद जिया खान को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इन दोनों ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर में इनके पैर में गोली मारी थी। आरोपी गुल्लू खान उर्फ गोलू और विक्की उर्फ दिलशाद फरार हैं। नौशाद और शहजाद के भाई सिराज खान और पिता निसार खान को सोमवार को गिरफ्तार किया गया है।
साभार—दैनिक भास्कर