भोपाल: ग्वालियर सर्किल में पदस्थ अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक शशि मलिक के तबादले पर केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण जबलपुर (कैट) ने स्थगन (स्टे) दे दिया है. मलिक को मिले स्थगन आदेश का असर दो और आईएफएस अफसरों के तबादले पर पड़ेगा. अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मलिक की याचिका पर अगली सुनवाई 9 मई को तय की गई है.
गत सोमवार को वन विभाग ने एक तबादला आदेश जारी कर ग्वालियर सर्किल में पदेन वन संरक्षक के पद पर पदस्थ अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक शशि मलिक का तबादला प्रधान मुख्य वन संरक्षक मुख्यालय भोपाल कर दिया था. उनके स्थान पर 8 महीने बाद सेवानिवृत्त होने वाले अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विश्राम सागर शर्मा को मैनेजमेंट कोटे से ग्वालियर सर्किल में पदस्थ कर दिया गया. एपीसीसीएफ मलिक ने वन विभाग के तबादला आदेश को लेकर कैट में चुनौती दी. मलिक ने अपनी याचिका में कहा कि विभाग में सिविल सर्विस बोर्ड के नियमों का पालन नहीं किया है. कैट ने मलिक की याचिका पर उन्हें राहत देते हुए तबादला आदेश के क्रियान्वयन पर स्थगन दे दिया. कैट ने अगली सुनवाई 9 मई मुकर्रर की है.
पदस्थापना रोटेशन पर अनिश्चितता :
शशि मलिक के तबादले पर स्थगन आदेश दिए जाने के बाद लघु वनोपज संघ में पदस्थ एपीसीसीए विश्राम सागर शर्मा और मुख्यालय में मानव संसाधन शाखा में पदस्थ अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विभाष ठाकुर के तबादले के क्रियान्वयन पर भी अनिश्चितता के बादल छा गए हैं. सोमवार को जारी तबादला आदेश में लघु वनोपज संघ से एपीसीसीए विश्राम सागर शर्मा का ग्वालियर तबादला करने के पश्चात ही विभाष ठाकुर को लघु वनोपज संघ में पोस्टिंग की गई है. यानी स्थगन के बाद विश्राम सागर शर्मा लघु वनोपज संघ से रिलीफ नहीं होते हैं तो फिर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विभाष ठाकुर लघु वनोपज संघ जाने पर संशय बना हुआ है.
इनका कहना :
शशि मलिक को कैट से स्थगन मिल गया है. हम इसे वेकेट कराने के लिए ओआईसी नियुक्त करने जा रहे हैं. कैट विभाग अपना पक्ष रखेगा.