Ram Mandir Inaguration: अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख (22 जनवरी) काफी नजदीक आ चुकी है. इस बीच 1980 और 90 के दशक में राम मंदिर निर्माण की मांग उठाकर इसे आंदोलन का रूप देकर जमीन पर उतारने वाले वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी और लालकृष्ण आडवाणी को अयोध्या में 22 जनवरी 2024 के दिन राम मंदिर उद्घाटन समारोह में आने का न्योता दिया गया है.

ख़बरों के मुताबिक, विश्व हिंदु परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि राम मंदिर आंदोलन के पुरोधा आदरणीय लाल कृष्ण आडवाणी जी और आदरणीय डॉ. मुरली मनोहर जोशी जी को अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया. राम मंदिर से जुड़े आंदोलन के बारे में भी बात हुई. इस निमंत्रण पर दोनों वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि वह आने का पूरा प्रयास करेंगे.
पहले क्यों की गई नहीं आने की अपील? जानें
हालांकि, इससे ठीक एक दिन पहले 18 दिसंबर को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बीजेपी के दोनों ही सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से उद्घाटन समारोह में न पहुंचने की अपील की थी. तो चलिए, अब इस बात पर आते हैं कि दोनों ही सीनियर नेताओं से पहले नहीं आने की अपील क्यों की गई थी?
न्यूज़ एजेंसी ANI के अनुसार, एक दिन पहले ही चंपत राय ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि मुरली मनोहर जोशी और लाल कृष्ण आडवाणी स्वास्थ्य और उम्र संबंधी कारणों के चलते उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे, क्योंकि दोनों बुजुर्ग हैं. इसलिए, उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें नहीं आने का अनुरोध किया गया है, जिसे दोनों नेताओं ने स्वीकार भी कर लिया है.
इन चर्चाओं के बीच आज (19 दिसंबर) दोनों ही नेताओं को राम मंदिर उद्घाटन समारोह में आने का न्योता दिया गया, जो सुर्ख़ियों में आ गया हैं. बता दें कि 22 जनवरी को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान के रूप में शामिल होने वाले हैं. ऐसे में सारी तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा किया जा रहा है. उद्घाटन के अगले ही दिन (23 जनवरी) से जनता को रामलला के दर्शन की अनुमति दे दी जाएगी.