प्रदेश के सरकारी स्कूलों को बीते एक साल में 16 हजार से अधिक शिक्षक मिले हैं। इसक साथ ही अब स्कूल शिक्षा विभाग प्राथमिक शिक्षक भर्ती के माध्यम से और शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में जुट गया है। बीते साल की गई इन भर्तियों में करीब 745 शिक्षक ऐसे भी हैं जो अन्य राज्य के हैं।

अन्य राज्यों से उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद पर कुल 594 पदों पर और मध्यमिक शिक्षक के 151 पदों पर नियुक्तियां की गई है। इस तरह कुल 745 शिक्षको के पदों पर अन्य राज्यों के लोगों को मौका दिया गया। इनमें आंध्रप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली गुजरात, हरियाणा, झारखंड, महाराष्टक, पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल के लोगों को भी नियुक्तियां दी गई है। बता दें कि यह जानकारी कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा और मेवाराम जाटव के सवाल के लिखित जवाब में सामने आई है।

ऐसे हुई नियुक्तियां

उच्च माध्यमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षक की भर्ती हेतु पात्रता परीक्षा वर्ष 2019 में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में योग्य पाए गए व्यक्तियों को अक्टूबर-नवंबर 2021 में नियुक्ति आदेश जारी किए गए। इसमें उच्च माध्यमिक शिक्षकों के पद पर स्कूल शिक्षा विभाग ने 8318 और जनजाति कार्य विभाग ने 1011 लोगों की तैनाती की गई। इस तरह कुल 9329 शिक्षकों की उच्चतर माध्यमिक शिक्षक के पद पर तैनाती की गई है। माध्यमिक शिक्षक के पद पर स्कूल शिक्षा विभाग ने 3677 और जनजाति कार्य विभाग ने 3136 लोगों की नियुक्ति की है। इस तरह कुल 6813 माध्यमिक शिक्षकों की तैनाती की गई।

चुनाव के पहले खुश करने की तैयारी

प्रदेश में नाराज शिक्षक वर्ग को चुनाव के पहले खुश करने के लिए मप्र सरकार क्रमोन्नति का दाव खेल सकती है। इसको लेकर उच्च स्तर विचार-विमर्श किया जा रहा है। ऐसे में सरकार सन 2006 के बाद नियुक्त हुए शिक्षकों को क्रमोशति का लाभ दे सकती है। इससे प्रदेश के करीब 8 हजार शिक्षको को फायदा मिलेगा।