भोपाल: तीन साल पहले 27 जनवरी 2019 को सीधी जिले के चुरहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल आफिसर डॉ. शिवम मिश्रा ने अपने शासकीय निवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में राज्य शासन ने तीन व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

उक्त आत्महत्या पर थाना चुरहट ने मर्ग कायम किया था और कलेक्टर सीधी ने मजिस्ट्रियल जांच कराई थी तथा इस जांच में चार व्यक्ति यथा स्टाफ नर्स कु. अर्चना मर्सकोले, नेत्र सहायक एएच सिद्धिकी एवं वाहन चालक केके पांडे तथा सीधी जिला के तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. आरएल वर्मा, डॉ. शिवम मिश्रा को आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर करने के दोषी पाये गये। दरअसल स्टाफ नर्स कुमारी अंजना मर्सकोले द्वारा द्वेष भावना से षडय़ंत्र पूर्वक साजिश रच कर डॉ. शिवम मिश्रा को एससी/एसटी एक्ट में फंसाया गया।

उक्त साजिश में नेत्र सहायक एएच सिद्धिकी एवं वाहन चालक केके पांडे शामिल होकर गवाह बने एवं डॉ. आर.एल.वर्मा द्वारा प्रकरण के संबंध में आरोपियों को साजिश में सहयोग किया गया, जिससे प्रताडि़त होकर डॉ. शिवम मिश्रा को आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। मजिस्ट्रीयल जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना चुरहट में 20 अप्रैल 2020 को धारा 306, 120 बी भादवि के तहत अपराध दर्ज हुआ। स्टाफ नर्स कुमारी अंजना मर्सकोले को संविदा कर्मचारी एवं कृष्ण कुमार पांडे को वाहन चालक कन्टिनजेसी बताया गया तथा शेष को नियमित कर्मचारी बताया गया। आरोपी कुमारी अंजना मर्सकोले के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल द्वारा उसकी सेवायें तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं। शेष के खिलाफ न्यायालय में अभियोग चलाये जाने हेतु अभियोजन की स्वीकृति प्रदान करने की अनुशंसा की गई जिस पर राज्य शासन ने अब अभियोजन चलाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।