भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग में एक ऐसा विरल मामला सामने आया है जिसमें ईओडब्ल्यु द्वारा आरोपी कार्यपालन यंत्री की मृत्यु के बाद अभियोजन की स्वीकृति दी गई।

अब इस मामले में पेंशन आदि प्रकरणों के निराकरण के लिये जल संसाधन विभाग तीन बार ईओडब्ल्यु से पूछ चुका है कि आरोपी कार्यपालन यंत्री के केस की अद्यतन स्थिति क्या है और ईओडब्ल्यु इसका जवाब नहीं दे रहा है।

प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग के तत्कालीन अवर सचिव संजीव गुप्ता ने 3 मार्च 2022 को ईओडब्ल्यु के महानिदेशक को सूचित किया था कि कार्यपालन यंत्री अनिल अग्रवाल के विरुध्द अपराध क्रमांक 49/2012 में राज्य शासन ने 9 जुलाई 2021 को अभियोजन की स्वीकृति दी थी परन्तु उनका 31 मई 2021 को कोरोना महामारी से निधन हो गया था जिसका मृत्यु प्रमाण-पत्र भी मिल गया है।

इसलिये इस केस की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया जाये। लेकिन ईओडब्ल्यु से कोई जवाब नहीं आया जिस पर वर्तमान अवर सचिव दिलीप नाथ गांधी ने 26 मई 2022 को पुन: ईओडब्ल्यु महानिदेशक को पत्र लिख कर अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी गई, लेकिन इस बार भी जवाब नहीं आया। इस पर अब पुन: अवर सचिव गांधी ने प्रचलित अपराध क्रमांक 49/2012 की अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी है।