आतंकवाद का अड्डा बन चुके पड़ोसी देश पाकिस्तान का एक और ब्लैक कार्ड सामने आया है। जबकि भारतीय सेना के जवानों ने एक पाकिस्तानी आतंकी की जान बचाकर इंसानियत की बेहतरीन मिसाल पेश की है। दरअसल भारतीय सेना के जवानों ने ब्लड का इंतजाम कर आतंकी तबरक हुसैन की जान बचाई।

नौशेरा सेक्टर में घुसपैठ के दौरान भारतीय सेना की गोली उसे लग गई थी। भारतीय सेना की गोलीबारी में तबरक के साथ आये साथी वापस POK यानी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर भाग खड़े हुए थे। भारतीय सेना के डॉक्टर्स ने इलाज के दौरान तबरक को ब्लड भी मुहैया कराया।

पाकिस्तानी कर्नल यूनुस चौधरी ने मुहैया कराये पैसे-

पाकिस्तानी आतंकी तबरक हुसैन ने मीडिया को दिए एक बयान में बताया कि, मुझे यहां 3-4 आतंकियों के साथ भेजा गया था। हमें पाकिस्तानी कर्नल यूनुस चौधरी द्वारा एलओसी पार करने के बाद भारतीय सैनिकों के कैंप पर हमला करने के लिए 30 हजार रुपए दिए गये। उसने आगे बताया कि वह आतंकी संगठन ISI से ताल्लुक रखता है। इससे पहले वह 2016 में सीमा पर कर आए थे, लेकिन उस समय भी सेना के जवानों पर हमला करने में नाकाम रहे थे।

भारतीय जवानों ने बचाई जान-

सेना के डॉक्टर राजीव नायर ने बताया कि आतंकी तबरक हुसैन को गंभीर हालत में यहां लाया गया था, लेकिन अब उनकी जान बचा ली गई है। गोली के घाव को ठीक होने में कई सप्ताह लगेंगे। उन्होंने आगे कहा कि उनके लिए यहां आने वाला हर शख्स मरीज है। डॉक्टर होने के नाते उनकी प्राथमिकता हर मरीज की जान बचाना है। हमने उसकी जान बचाने की हर संभव कोशिश की है।

सेना के जवानों ने 3 घुसपैठियों को मार गिराया-

जम्मू-कश्मीर में सेना के जवान ऑपरेशन ऑल आउट चलाकर आतंकियों का लगातार सफाया कर रहे हैं। आज भी भारतीय सीमा में घुसपैठ करने वाले 3 आतंकियों को सेना के जवानों ने मार गिराया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि उरी के कमलकोट सेक्टर में मड़िया नानक चौकी के पास सेना और बारामूला पुलिस ने 3 घुसपैठियों को मार गिराया है।