जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए हुए 5 अगस्त यानी आज तीन साल हो गए। इन तीन सालों में नए जम्मू-कश्मीर की फिजां में बदलाव दिखने लगा है।   पहले जहां सैलानी यहां का रुख़ करने से ही ख़ौफ़ खाते थे वही अब कश्मीर फिर से सैलानियों से गुलज़ार हो गया है। जम्मू-कश्मीर के माहौल में न केवल बदलाव आया है, बल्कि आर्थिक विकास और पर्यटन को भी नए पंख लग गए हैं। 

डल झील पर अब देर रात तक चहल पहल रहती है। झील में तैरते शिकारों पर पर्यटकों का शोर सन्नाटे को चीरता हुआ एक नए बदले हुए कश्मीर की तस्वीर सामने रखता है,  बाज़ार रोजाना गुलज़ार रहते हैं। सबसे बड़ा बदलाव लाल चौक पर लहराता तिरंगा बयां करता है, जहां कभी तिरंगा फहराना भी सपना हुआ करता था, वहीं अब घंटा घर तिरंगे की रोशनी में हरदम नहाया रहता है।

दूसरे ओर पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती के तेवर आज भी ज्यों के त्यों हैं, धारा 370 को खत्म करने के विरोध में उन्होंने आज प्रदर्शन किया।
महबूबा ने कहा कि हम न केवल अपना संविधान और विशेष दर्जा वापस लेंगे बल्कि हम सरकार को कश्मीर मुद्दे को हल करने के लिए मजबूर करेंगे।"

धारा 370 हटाने के बाद घाटी में क्या कुछ बदलाव आया जानते हैं-

  • जम्मू-कश्मीर में वहां के ग़रीब सामान्य वर्ग के लिए 10% का आरक्षण लागू किया गया। 
  • जम्मू-कश्मीर की महिला राज्य से बाहर शादी करने के बाद भी अपनी संपत्ति के अधिकार को नहीं खोएगी।
  • पहली बार कश्मीर में ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के इलेक्शन कराए गए ।
  • रियल स्टेट के लिए नया रेरा का कानून जम्मू-कश्मीर में लागू किया गया ।
  • स्टार्टअप पॉलिसी, ट्रेड एंड एक्सपोर्ट पॉलिसी, लॉजिस्टिक पॉलिसी बनी भी और लागू भी हुई। 
  • यूटी बनने पर एसीवी पर भरोसा बढ़ा, 5000 शिक़ायतें भ्रष्टाचार की पहुंचीं।
  • सीमा पार आतंकी या अलगाववादी फंडिंग पर कड़ा प्रहार, वहीं उनकी सत्ता समाप्त हो गई और उन पर कानूनी शिकंजा भी कसा गया ।
  • आतंक और आतंकवादी पर कड़ा प्रहार, घाटी में कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबल मिलकर निर्णायक कार्यवाही कर रहे हैं।