दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जेल से रिहा होने के बाद रविवार 15 सितंबर को पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस बीच मुख्यमंत्री ने एक बड़ा ऐलान कर सभी को चौंका दिया। केजरीवाल ने कहा कि वे दो दिन बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।
सीएम केजरीवाल के इस्तीफे को लेकर बीजेपी नेता बांसुरी स्वराज ने उन पर जमकर निशाना साधते हुए कहा है,
“केजरीवाल को इस्तीफा देना ही था तो उन्हें 48 घंटे की आवश्यकता क्यों ?” अरविंद केजरीवाल पर राजनीतिक ढोंग का आरोप लगाते हुए बांसुरी स्वराज ने कहा कि उन्हें और उनकी पूरी कैबिनेट को इस्तीफा दे देना चाहिए। दिल्ली की जनता ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को समर्थन दिया, और केजरीवाल को शराब घोटाले का किंगपिन बताया। उनके भगत सिंह से तुलना करने पर भी बांसुरी ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
वहीं दिल्ली बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने केजरीवाल और इंडी गठबंधन दोनों पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा, "यह भ्रम और विभाजन का गठबंधन है। इंडी गठबंधन में कुछ भी समान नहीं है, कोई मिशन या विजन नहीं है, और इसलिए एक तरफ कांग्रेस कह रही है कि अरविंद केजरीवाल का मनोनयन एक नाटक है, संदीप दीक्षित और अन्य नेताओं ने आप और अरविंद केजरीवाल को भ्रष्ट कहा है और गठबंधन के साथी फारूक अब्दुल्ला इस कदम का जश्न मना रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने अपना इस्तीफा नहीं दिया है। यह केवल एक पुनर्नियुक्ति है। यह आवश्यकता के कारण किया गया गुण है।
उनके पास कोई वास्तविक शक्ति नहीं थी। सभी प्रतिबंधों के बाद भी सीएम जेल के अंदर हैं। वे फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते थे, कार्यालय नहीं जा सकते थे... अब उनके पास लालू-राबड़ी मॉडल होगा। सुनीता केजरीवाल को सीएम बनाने के लिए सभी विधायकों को मनाने में उन्हें दो दिन और लग रहे हैं... आप कह रही है कि यह एक नैतिक निर्णय है लेकिन 150 दिनों तक नैतिकता कहां थी जब वे जेल के अंदर से सीएम थे?..."
वहीं पद छोड़ने की घोषणा करते हुए दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मैं इस्तीफा दे रहा हूं क्योंकि उन्होंने मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने मनीष सिसौदिया पर आरोप लगाया है। आप हमें बताएं कि केजरीवाल ईमानदार है या नहीं। आज मैं लिटमस टेस्ट के लिए तैयार हूं। अगर आपको लगता है कि मैं ईमानदार हूं तो वोट करें।" मेरे लिए और मैं मुख्यमंत्री बनूंगा।
सीएम केजरीवाल ने आगे कहा, ''चुनाव तक आम आदमी पार्टी का ही कोई मुख्यमंत्री होगा। जल्द ही विधायक दल की बैठक होगी। अब मैं और मनीष सिसौदिया जनता की अदालत में जा रहे हैं। मैं चाहता हूं, आपको बता दूं'' कि अगर हम ईमानदार हैं तो वोट करें या वोट न दें।" आपको बता दें कि सीएम केजरीवाल के मुताबिक, यह साफ हो गया है कि अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के बाद मनीष सिसौदिया को छोड़कर पार्टी का कोई और नेता मुख्यमंत्री बनेगा।
बीजेपी पर निशाना साधते हुए सीएम केजरीवाल ने कहा, ''उन्होंने सोचा था कि जेल भेजकर वे केजरीवाल का मनोबल तोड़ देंगे। वे दिल्ली और पंजाब में सरकार बनाएंगे, लेकिन न तो केजरीवाल टूटे हैं और न ही हमारे विधायक और कार्यकर्ता टूटे हैं।'' उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, ये लोकतंत्र बचाने का उनका नया फॉर्मूला है, जहां उनकी सरकार नहीं बनी वहां सीएम को गिरफ्तार कर जेल में डाल दो, जैसे हेमंत सोरेन ने इस्तीफा दिया था।