टी-20 विश्व कप में 23 अक्टूबर को दो चिर प्रतिद्वंद्वी भारत-पाकिस्तान आमने सामने होंगे। दोनों टीमें एक दूसरे को हराने के लिए अपनी बेस्ट प्लेइंग इलेवन तैयार करने जुट गए हैं। वहीं खिलाड़ी भी नेट प्रैक्टिस में खूब पसीना बहा रहे हैं। भारतीय टीम का पिछले एक साल से प्लेइंग इलेवन नहीं तैयार हो पाया है। कभी चार नंबर पर बल्लेबाज की तलाश की जा रही थी। सूर्य कुमार के मिलने के बाद वो तलाश पूरी हो गई, लेकिन अब पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया एक बार फिर मुश्किल में है।

अंतिम एकादश में कप्तान रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या की जगह सुनिश्चित हैं तो वही मौजूदा लय के मामले में विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर दिनेश कार्तिक ऋभ पंत से आगे हैं। 

कार्तिक ने शुक्रवार को बल्लेबाजी अभ्यास के बाद लंबे समय तक विकेटकीपिंग का अभ्यास भी किया। पंत भारतीय बल्लेबाजी के शीर्ष छह में बायें हाथ के इकलौते बल्लेबाज है ऐसे में अगर कार्तिक और पंत दोनों को अंतिम एकादश में शामिल किया जाता है, तो रोहित पांड्या को पांचवें गेंदबाजी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जो कई मौकों पर टीम के लिए परेशानी का सबब रहा है। 

पंत की तरह ही स्पिन गेंदबाजी में अक्षर की स्थिति है। ऑस्ट्रेलिया के बड़े मैदानों में युजवेंद्र चहल टीम के पहली पसंद के स्पिनर होंगे तो वोहीं तेज गेंदबाजी में मोहम्मद शमी के साथ भुवनेश्वर कुमार और अर्शदीप सिंह सिंह की टीम में जगह पक्की लग रही है। मौजूदा लय को देखते हुए हर्षल के लिए टीम में जगह बनाना मुश्किल होगा।

बाएं हाथ के बल्लेबाज की तलाश

दरअसल टीम प्रबंधन अक्षर पटेल और रविचंद्रन अश्विन को लेकर दुविधा में पड़ गई है। टीम में एक बाएं हाथ के खिलाड़ी के होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। क्योंकि पाकिस्तान टीम लाइन-अप में तीन बाएं हाथ के खिलाड़ियों के खेलने की संभावना है। इंडियन बैटिंग लाइन-अप की तो कप्तान रोहित शर्मा, केएल राहुल, विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या का खेलना निश्चित माना जा रहा है। वहीं मौजूदा फॉर्म में दिनेश कार्तिक ऋषभ पंत पर भारी हैं।


 
कलाई के स्पिनर पहली पसंद 

इसी तरह, अक्षर लगातार अपनी स्पिन से बेहतर कर रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान के शीर्ष क्रम में फखर जमान, मोहम्मद नवाज और खुश्दिल शाह हैं और उनके खिलाफ बाएं हाथ का स्पिनर खिलाना एक अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है। रविचंद्रन अश्विन के अनुभव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि वह अपनी गेंदबाजी में विविधता लाते हैं। भारत के पहले स्पिनर के रूप में युजवेंद्र चहल अब तक पहली पसंद रहे हैं।