असम में बाढ़ से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जमुनामुख जिले के दो गांवों के 500 से ज्यादा परिवारों को रेलवे ट्रैक पर रहना पड़ रहा है। इन लोगों को रेलवे ट्रैक का सहारा लेना पड़ रहा है। शुक्रवार को स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ था। लेकिन नगांव, होजई, कछार और दारांग जिलों में स्थिति अभी भी गंभीर है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, राज्य के 29 जिलों में बाढ़ से करीब 7.12 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

नगांव जिले में 3.36 लाख, कछार जिले में 1.66 लाख, होजई में 1.11 लाख और दारांग जिले में 52,709 लोग प्रभावित हुए है।  जानकारी के अनुसार, पटिया पत्थर गांव के निवासियों ने बाढ़ में लगभग सब कुछ खो दिया है और वे पास के अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने दावा किया है कि उन्हें जिला प्रशासन, राज्य सरकार या केंद्र सरकार से ज्यादा मदद नहीं मिली है।

बारिश और बाढ़ से असम के हालात चिंताजनक हैं। लगातार बारिश से 29 जिलों के 2585 गांवों के 8 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। बारिश के कारण हुए भूस्खलन में अब तक कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है। अस्थाई झोंपड़ियों में रहने वाले लोग अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे हैं।

कई इलाकों में भूस्खलन-

असम के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन भी हुआ है। न्यू कुंजंग, फांगपुई, मौलहोई, नामजुरंग, दक्षिण बगेतार, महादेव टीला, कालीबाड़ी, उत्तर बगेटर, सिय्योन और लोदी पंगमौल में भूस्खलन की सूचना मिली थी। भूस्खलन के कारण जटिंगा-हरनगांव और माहूर-फीडिंग में रेलवे लाइन अवरुद्ध हो गई है।