कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर चुनाव आयोग कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। इसलिए आयोग ने चुनावी रैलियों, जुलूसों और रोड शो पर लगी रोक को एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। सूत्रों के मुताबिक शनिवार को हुई बैठक में कोरोना संक्रमण और टीकाकरण की स्थिति की समीक्षा पर सहमति बनी है। सूत्रों ने कहा कि आयोग ने प्रचार के अन्य माध्यमों में कुछ छूट दी है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ सभी आयुक्तों और उपायुक्तों ने भाग लिया। बैठक में पांच चुनावी राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और मुख्य चुनाव आयुक्त भी शामिल हुए।

बैठक में प्रमुख स्वास्थ्य राज्य सचिव और मुख्य सचिव ने टीकाकरण और संक्रमण में अब तक हुई प्रगति की जानकारी दी। उनसे बात करने और चर्चा करने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के साथ समीक्षा बैठक की गई। जिसके बाद प्रतिबंध को जारी रखने का फैसला किया गया। चुनाव आयोग चाहता है कि जल्द से जल्द सभी का टीकाकरण किया जाए। सूत्रों के मुताबिक, अगर छूट दी भी जाती है तो उसे प्रतिबंधों के साथ पूरा किया जाएगा। यानी आयोग देरी करेगा लेकिन बागडोर अपने हाथ में रखेगा।

चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक छोटी-छोटी बैठकों, घर-घर जाकर संपर्क अभियान जैसी चीजों के लिए छूट बढ़ाने की बात कही गई है। मणिपुर में टीकाकरण की धीमी गति से चुनाव आयोग नाराज है। पंजाब में टीकाकरण की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने में समय लगेगा। हालांकि, गोवा, उत्तराखंड और यूपी में टीकाकरण और संक्रमण दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।