दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले एक दिवसीय मुकाबले में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में टीम इंडिया को जीत के लिए 40 ओवरों में 250 रन बनाना थे लेकिन संजू सैमसन की बेमिसाल पारी के बाद भी टीम इंडिया 240 रन ही बना सकी।
लक्ष्य का पीछा करते हुए आधी भारतीय टीम केवल 118 रनों के स्कोर तक पवेलियन लौट चुकी थी लेकिन संजू सैमसन ने शार्दुल ठाकुर के साथ साझेदारी कर भारतीय उम्मीदों को दोबारा जिंदा कर दिया था। शार्दुल के आउट होने के बाद भी संजू ने भरसक प्रयास किया लेकिन उन्हें दूसरे एंड से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
भारतीय टीम की हार में इंदौर के आवेश खान की गेंद ही नहीं बल्ले से लचर प्रदर्शन भी बड़ा कारण साबित हुआ। भारतीय टीम को आखिरी दो ओवरों में 38 रनों की दरकार थी। पारी के 39 वे ओवर में गेंद कगिसो रबाडा के हाथ में थी और सामने थे आवेश खान। इस अहम ओवर में आवेश ने संजू को स्ट्राइक देने के बाजय पांच गेंद खेल डाली। इन पांच गेंदों में आवेश ने केवल दो रन बनाए और अपना विकेट भी गंवा दिया। रवि विश्नोई ने नो बॉल के बाद ओवर की आखिरी गेंद पर जरूर चौका लगाया।
इस तरह टीम इंडिया को अब आखिरी ओवर में जीत के लिए 31 रन बनाने थे। संजू सैमसन ने इस ओवर में तीन चौके और एक छक्का जड़ा लेकिन उनका यह प्रयास जीत नहीं दिला पाया। क्रिकेट एक्सपर्ट यह मान रहे हैं कि जिस अंदाज में संजू सैमसन खेल रहे थे अगर उन्हें 19 वे ओवर में आवेश स्ट्राइक दे देते तो भारत हारी हुई बाजी को जीत भी सकता था।
यही नहीं आवेश खान गेंदबाजी में भी टीम इंडिया की कमजोर कड़ी साबित हुए। उन्होंने अपने कोटे के आठ ओवर में 51 रन लुटाए और वे एक भी विकेट लेने में कामयाब नहीं हो सके। आवेश के इस प्रदर्शन के बाद अगले मुकाबले में उनकी जगह खतरे में आ गई है।