डॉ. नवीन जोशी 

भोपाल: राज्य के विमानन विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के समय 8 नवम्बर 2019 को बने हेलीकाप्टर पायलट की भर्ती के नियम बदल दिये हैं।

पहले प्रावधान था कि सीनियर पायलट हेलीकाप्टर की भर्ती के लिये नियम था कि व्यक्ति को उड़ान भरने का कुल अनुभव 3 हजार घण्टे होना चाहिये जिसमें दोहरे इंजन वाले हेलीकाप्टर में उड़ान का पायलट इन कमांड के रुप में 1500 घण्टे का अनुभव जरुरी था।

लेकिन अब इसमें बदलाव कर प्रावधान किया गया है कि कुल तीन हजार घण्टे का उड़ान अनुभव हो जिसमें से दोहरे इंजन वाले हेलीकाप्टर में पायलट इन कमांड के रुप में 750 घण्टे उड़ान का अनुभव हो यानि 1500 घण्टे का अनुभव होने का प्रावधान खत्म कर दिया गया है।

इसी प्रकार, पहले हेलीाकप्टर पायलट पद के लिये उड़ान भरने का अनुभव 2 हजार घण्टे जिसमें पायलट इन कमांड के रुप में एक हजार घण्टे एवं दोहरे इंजन वाले हेलीकाप्टर को उड़ाने का 500 घण्टे का अनुभव जरुरी था लेकिन इसमें बदलाव कर प्रावधान किया गया है कि 2 हजार घण्टे के कुल अनुभव के अलावा सिर्फ डबल इंजन हेलीकाप्टर को उड़ाने का 500 घण्टे का अनुभव हो यानि इसमें एक हजार घण्टे का पायलट इन कमांड के रुप में अनुभव होना, खत्म कर दिया गया है।

इसके अलावा, जूनियर पायलट हेलीकाप्टर के पद के लिये पहले प्रावधान था कि उड़ान भरने का कुल अनुभव 150 घण्टे का हो जिसमें से पायलट इन कमांड के रुप में 100 घण्टे का अनुभव होना जरुरी था। लेकिन अब प्रावधान कर दिया गया है कि उड़ान का कुल एक हजार घण्टे का अनुभव हो जिसमें डबल इंजन हेलीकाप्टर को पायलट इन कमांड के रुप में उड़ाने का 250 घण्टे का अनुभव हो। ज्ञातव्य है कि पायलट इन कमांड का अर्थ चीफ पायलट होना है जिसके साथ को-पायलट अलग से होता है।

नया हेलीकाप्टर भी खरीदा जायेगा :

राज्य सरकार ने अभी तो नया जेट विमान खरीदने की प्रक्रिया शुरु की है परन्तु वह कुछ समय बाद नया डबल इंजन हेलीकाप्टर भी खरीदेगी। इसकी योजना बना ली गई है। दरअसल राज्य सरकार के पास पहले दो हेलीकाप्टर हुआ करते थे परन्तु वर्तमान में उसके पास एक ही डबल इंजन हेलीकाप्टर है। अगले साल एक हेलीकाप्टर पायलट रिटायर भी होने जा रहा है।