स्वास्थ्य सेवाओं के डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए डिजिटलर इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है, इसके तहत मध्यप्रदेश के निजी और शासकीय आयुष चिकित्सकों को आयुष्मान भारत में अपना पंजीयन करवाना होगा। नेशनल प्लेटफार्म में पंजीकृत होने के बाद चिकित्सक टेलीमेडिसिन एवं ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श के लिए देशभर के मरीजों से सीधे संपर्क में रहेंगे।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग ने सभी शासकीय और निजी क्षेत्र में सेवारत शिक्षकों तथा चिकित्सकों को इस मिशन के तहत पंजीयन करवाने परिपत्र जारी किया है। इसके अंतर्गत हेल्थकेयर प्रोफेशनली रजिस्ट्री (एचपीआर) में केन्द्रीय पोर्टल hpr.abdm.gov.in पर शुरू कर दिया गया है।
मध्यप्रदेश आयुर्वेद, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि उक्त निर्देशों के तहत मध्यप्रदेश में पंजीकृत आयुर्वेद, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सकों का पंजीयन हेल्थकेयर प्रोफेशनली रजिस्ट्री (एचपीआर) के प्लेटफार्म पर किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में लगभग 18 हजार 200 चिकित्सक रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 16 हजार आयुर्वेद, 2 हजार यूनानी और नैचुरोपैथी के 200 चिकित्सक शामिल हैं।
पूरी तरह निःशुल्क होंगे रजिस्ट्रेशन :
यह पंजीयन पूर्णतः निशुल्क है और पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी भारत सरकार के आयुष भारत डिजिटल मिशन के पोर्टल mdhm.gov.in के साथ मध्यप्रदेश आयुर्वेद, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड की वेबसाइट ayurved.mponline.gov.in पर भी उपलब्ध है। पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी बहुत आसान है और इसे पांच मिनिट में पूरा किया जा सकता है।
मरीजों को आसानी से मिल सकेंगे चिकित्सक :
पंजीकरण के बाद ही चिकित्सक ऑनलाइन इलाज चाहने वाले मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे और चिकित्सकों का नाम केन्द्र सरकार के पोर्टल पर दिखाई देगा। चिकित्सकों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण करने के बाद उनका सत्यापित प्रोफाइल NCISM द्वारा सत्यापन के बाद नेशनल प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगा। एक बार सत्यापित प्रोफाइल नेशनल प्लेटफार्म पर उपलब्ध हो जाती है तो चिकित्सक, रोगियों को खोजने और कनेक्ट करने के लिए सभी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता वेबसाइटों और एप्लीकेशन पर ऑनलाइन दिखाई देंगे। इसके साथ ही मरीज अपना ऑनलाइन स्वास्थ्य रिकॉर्ड रजिस्टर्ड चिकित्सक को साझा कर सकेंगे। रजिस्ट्रार डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि आयुष चिकित्सकों के नेशनल प्लेटफार्म पर पंजीकृत होने के बाद पंजीकृत चिकित्सक टेलीमेडिसिन एवं ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श के लिए नागरिकों एवं मरीजों के सीधे संपर्क में रहेंगे इस प्लेटफार्म में पंजीकृत चिकित्सक सरकार द्वारा आवश्यक एनओसी जारी कर सकेंगे तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।
डॉक्टर सीधे ऑनलाइन कंसलटेंसी कर सकेंगे :
हेल्थकेयर प्रोफेशनली रजिस्ट्री (एचपीआर) में नामांकित होने के बाद रजिस्टर्ड चिकित्सक अधिक से अधिक रोगियों तक ऑनलाइन पहुंच सकेंगे और टेलीकन्सल्टेशन के माध्यम से प्रभावी स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर सकेंगे। इस सिस्टम से जन सामान्य को मान्यता प्राप्त आयुष चिकित्सकों सेवाएं प्राप्त हो सकेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में पारदर्शिता भी कायम होगी।