भोपाल। राज्य के जल संसाधन विभाग ने अपनी दाबयुक्त नहर प्रणाली के तहत सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं में जीआरपी यानि ग्लास फायबर रीइन्फोस्र्ड प्लास्टिक पाईप लाईन बिछाने पर रोक लगा दी है। ऐसा इसलिये किया गया है क्योंकि ये जीआरपी पाईप जल्द टूट-फूट जाते हैं।
अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा ने सभी मैदानी अधिकारियों से कहा है कि कतिपय सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं में जीआरपी पाईप लाईन की अनुमति संबंधित मुख्य अभियंताओं द्वारा दी जा रही है। खण्डवा जिले की भाम मध्यम सिंचाई योजना में भी यह किया गया है। इसलिये अब जीआरपी पाईप उपयोग करने की कोई अनुमति नहीं दी जाये, अगर कोई अनुमति दी गई है तो उसे तत्काल निरस्त किया जाये। इसका पालन प्रतिवेदन भी शासन को भेजा जाये।
दरअसल जीआरपी पाईप का उपयोग वाटर स्पलाय, सीवेज, ड्रेनेज आदि में होता है तथा अक्सर ये पाईप लाईन कमजोर होने के कारण फूट जाती हैं। सूक्ष्म सिंचाई योजना में आयरन के बने एमएस पाईपों का उपयोग होता है जो लम्बे समय तक बिना क्षति के चलते हैं। जीआरपी पाईप सस्ते होने के कारण जलसंसाधन विभाग के मुख्य अभियंता न केवल टेण्डर की शर्तों में इसे शामिल कर रहे थे बल्कि इन्हें लगाने की अनुमति भी दे रहे थे। अब इनका उपयोग नहीं किया जा सकेगा।