भोपाल, निजीकरण व महंगाई के खिलाफ बैंककर्मी और श्रमिकों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। ये राजधानी के नीलम पार्क में धन जुट रहे हैं। इसमें ट्रेड यूनियनों से जुड़े सभी संगठन हिस्सा ले रहे हैं।

हड़ताल राष्ट्रव्यापी आव्हान गों पर बुलाई गई है जो मंगलवार को भी जारी रहेगी। इस हड़ताल से कामकाज के प्रभावित होने की संभावना कम है। ट्रेड यूनियनों का समूह पूर्व में भी हड़ताल करता रहा है। कभी भी हड़ताल की वजह से बड़े स्तर पर कोई कामकाज प्रभावित नहीं हुआ था। हालांकि बैंक कर्मचारी व अधिकारियों की यूनियनों द्वारा मिलकर की जाने वाली हड़ताल की वजह से बैंककर्मियों को परेशानी जरूर हो चुकी है।

राष्ट्रव्यापी हड़ताल की वजह

ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मोर्चा के कर्मचारी श्रमिक और बैंककर्मचारी नेता पूषण एटी पदमनाभन भट्टाचार्य, वीके शर्मा का कहना है कि केंद्र सरकार लगातार सरकारी व सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर रही है। इसकी वजह से बेरोजगारी बढ़ी है। देश को भी कई तरह से नुकसान हो रहा है। ऐसे में आने वाले समय में निजी कंपनियों का राज हो जाएगा, जो जनता के हित में नहीं होगा। श्रम नीतियों को लगातार कमजोर बनाया जा रहा है। मौजूदा नीतियों का पालन भी नहीं किया जा रहा है।

असंगठित क्षेत्रों के कामगारों को तय से कम मजदूरी व वेतन दिया जा रहा है। इसकी वजह से आर्थिक खाई बढ़ी है इसका सीधा असर सामाजिक जीवन शैली पर पड़ रहा है। कम आवक के अभाव में रहन-सहन पर असर पड़ा है। केंद्रीय विभागा, संस्थानों व उपक्रमों में खाली हो रहे पदों को नहीं भरा जा रहा है। इसकी वजह से बेरोजगारी बढ़ी है। नौजवानों के हाथों को काम नहीं मिल रहा है। आम जनता से जुड़े काम भी कम समय में नहीं हो पा रहे हैं या होते ही नहीं है। परेशान होना पड़ता है। बैंकों का निजीकरण किया जा रहा है जो देशहित में नहीं है।