भाजपा सरकार में कई सांस्कृतिक धरोहरों के विकास और पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इसी के तहत बांके बिहारी धाम को दिव्य और अलौकिक बनाने की कबायदें शुरु कर दी गई हैं। इसके लिए अब 'बांकेबिहारी कॉरिडोर' का निर्माण 'काशी विश्वनाथ कॉरिडोर' की तर्ज पर ही किया जाएगा।
मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में भीड़ के दबाव से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कॉरिडोर को बेहतर विकल्प माना है। सरकार ने यह भी साफ कर किया है कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर वृंदावन में बिहारी जी का कॉरिडोर बनाया जाएगा।
राज्य सरकार ने भी हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपनी मंशा जाहिर की थी। अब इसके लिए तैयारियां भी शुरु कर दी गई हैं। सरकार की योजना इसे पांच एकड़ के क्षेत्र में विकसित करने की है। इसके लिए जिला प्रशासन को काशी विश्वनाथ की तर्ज पर काम करने का संदेश भी दिया गया है, जिसमें जमीन मालिक की सहमति से जमीन का अधिग्रहण किए जाने की बात कही गई है।
प्रशासन ने भी इस संबंध में काम शुरू कर दिया है। हालांकि इस मसले पर प्रशासनिक तंत्र के अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।
गौरतलब है, कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मध्यरात्रि में मंगला आरती के दौरान वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में भीड़ के दबाव में दो लोगों की मौत हो गई थी। पूर्व डीजीपी की अध्यक्षता में हुई घटना की जांच रिपोर्ट पर सरकार के सुझाव के तौर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट को सौंपी गई है। जिसमें बिहारीजी मंदिर के लिए कॉरिडोर' को बनाए जाने को आवश्यक माना गया है। अब सरकार के प्रतिनिधि भी काशी विश्वनाथ की तर्ज पर वृंदावन में जल्द कॉरिडोर बनाने की बात कर रहे हैं।