भोपाल: प्रदेश में अब अल्कोहलयुक्त बियर का निर्माण पर्यटन एवं हेरीटेज होटलों में हो सकेगा। यह सुविधा राज्य के आबकारी विभाग ने प्रदान कर दी है। इसके लिये नया लायसेंस बनाया गया है। जिसे माईक्रो बे्रवरीज नाम दिया गया है। देश के अन्य महानगरों बैंग्लोर और आगरा में वहां के राज्य सरकारों से ऐसे लायसेंस दिये हुये हैं। यह सुविधा धनाड्य युवाओं एवं विदेशों से आने वाले लोगों की मांग पर दी गई है।
आबकारी विभाग ने इस लायसेंस को स्पेशल केटेगरी वाली होटलों के लिये रखा है। जिसमें शामिल की गई हैं : राज्य के पर्यटन निगम के स्वामित्व वाले होटल/रेस्टोरेंट, भारतीय पर्यटन निगम की होटलों, ऐसी थ्री स्टार होटल्स जिन्हें केंद्र सरकार, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय या द होटल एण्ड रेस्टोरेंट अप्रूवल एण्ड क्लासिफिकेशन कमेटी ने प्रमाणित किया हो, ऐसी समतुल्य मानक वाली होटलें जिन्हें आबकारी आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति प्रमाणित करे तथा पर्यटन विभाग द्वारा अप्रूव्ड हेरीटेज होटल्स।
उक्त होटलों में बियर उत्पादन के मिनी प्लांट लगाये जा सकेंगे तथा इनमें प्रतिदिन 6 सौ लीटर बियर का उत्पादन हो सकेगा। उत्पादित बियर की गुणवत्ता की जांच एवं उसके प्रमाणीकरण के लिये होटल प्रबंधकों को एक केमिस्ट भी नियुक्त करना होगा।
उत्पादित बियर को सिर्फ होटल के अंदर एवं उसके परिसर में ही परोसा जा सकेगा। इसका लायसेंस प्रति वर्ष ढाई लाख रुपये फीस जमा करने पर दिया जा सकेगा। उक्त नये लायसेंस के नियम आबकारी विभाग ने जारी कर दिये हैं तथा अब ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से इच्छुक स्पेशल केटेगरी वाली होटल्स आवेदन कर सकेंगी।