भोपाल: जंगल महकमे में प्रशासनिक मिस मैनेजमेंट की वजह से वन मुख्यालय सतपुड़ा भवन में क्राइसिस की स्थिति उत्पन्न हो गई है. मुख्यालय में एपीसीसीएफ के 5 पद खाली पड़े हैं. बावजूद इसके, ग्वालियर में एपीसीसीए विश्राम सागर शर्मा पदस्थापना हो गई. जबलपुर, बैतूल और  होशंगाबाद सर्किल के लिए नए प्रस्ताव भेजे गए हैं. खंडवा वनमंडल के लिए डीएफओ देवांशु शेखर का प्रस्ताव भेजा गया. यह प्रस्ताव लंबे समय से मंत्रालय में लंबित है.

एपीसीसीएफ के पद खाली होने के बाद भी वन विभाग उज्जैन सर्किल में एपीसीसीएफ मनोज अग्रवाल को पदस्थ करने पर मंथन कर रहा है. वन विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक वर्किंग प्लान सबमिट कर चुके सीसीएफ अनिल कुमार सिंह को होशंगाबाद सर्किल पदस्थ करने का प्रस्ताव है. होशंगाबाद के मौजूदा सीसीएफ आरपी राय वन मंत्री विजय शाह अपने गृह जिले खंडवा सर्किल में पदस्थ कराना चाह रहे हैं. बताते हैं कि राय वन मंत्री शाह के लिए सबसे मुफीद अफसर है. इस प्रस्ताव में उन सीसीएफ अफसरों के नाम अभी नहीं जुड़े हैं, जिन्होंने अपने वर्किंग प्लान कंप्लीट कर लिए. उनमें राजीव मिश्रा, एलएल उईके और पीजी फुलझले के नाम है.

जबलपुर सर्किल में अरोरा के प्रस्ताव पर विरोध :  

जबलपुर सर्किल में एपीसीसीएफ आरडी महला के रिटायरमेंट के बाद विभाग ने मंडला के डीएफओ कमल अरोरा को सर्किल में पदस्थ करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है. इस प्रस्ताव के साथ यह भी तर्क दिया गया है कि 2015 के पहले सर्किल का पद वन संरक्षक (सीएफ) के स्तर का ही निर्धारित था. अरोरा के प्रस्ताव को लेकर विभाग में ही विरोध शुरू है. विरोध करने वाले सीनियर अफसरों का मानना है कि कमल अरोड़ा ने वर्किंग प्लान ही नहीं बनाया तो उनकी पदस्थापना सर्किल में क्यों की जा रही है? अरोड़ा से सीनियर डीएफओ कटनी में पदस्थ है. सर्किल में अरोड़ा की पदस्थापना होती है तो क्या सीनियर अफसर अपने जूनियर को रिपोर्ट करेगा, क्या सवाल भी जंगल में कोई में एक्सप्रेस में बना हुआ है.

वन मुख्यालय में एपीसीसीएफ के पद खाली :

वन मुख्यालय सतपुड़ा में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के 4 पद खाली हैं. समन्वय, बजट, आईटी, अनुसंधान एवं विस्तार और प्रोजेक्ट शाखा में एपीसीसीएफ के पद रिक्त है. इन पदों पूर्णकालिक अफसर को पदस्थ करने के बजाए प्रभार सौंप कर काम चलाया जा रहा है. जबकि एपीसीसीएफ मनोज अग्रवाल मुख्यालय में कोई महत्वपूर्ण काम नहीं दिया गया है. खाली पड़े पदों पर इन्हें पदस्थ किया जा सकता है.

कैडर विरुद्ध पदस्थापना क्यों ?

2015 के राजपत्र के अनुसार सर्किल में सीसीएफ स्तर के अधिकारियों को पदस्थ करने का प्रावधान कैडर किया गया है. सीसीएफ के पद कम और एपीसीसीएफ के पद अधिक बता कर वन विभाग ने एपीसीसीएफ अफसरों को सर्किल में पदस्थ किया गया. अब यह कमी भी दूर हो गई है. फिर भी विभाग केंद्र शासन द्वारा निर्धारित कैडर के पद के विरुद्ध पदस्थापना कर रहा है. वर्तमान में ग्वालियर सर्किल में एपीसीसीएफ पदस्थापना  की गई है.